झारखंड के सिमडेगा जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए केरसई प्रखंड में कार्यरत बीपीओ अनिल खलखो को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। एसीबी की टीम ने उन्हें 8 हजार रुपये की घूस स्वीकार करते समय रंगेहाथ दबोच लिया।
जानकारी के अनुसार, टैंसेर नवाटोली गांव के एक विद्यालय में कार्यरत शिक्षक रंजीत खाखा ने एसीबी से शिकायत की थी कि मध्याह्न भोजन योजना के तहत आवंटित राशि से जुड़े प्रतिवेदन को आगे बढ़ाने के लिए बीपीओ उनसे पैसे की मांग कर रहे हैं। शिकायत में आरोप लगाया गया कि शुरुआत में 15 हजार रुपये की मांग की गई थी, लेकिन बाद में बातचीत के दौरान यह राशि घटाकर 8 हजार रुपये तय कर दी गई।
शिक्षक ने रिश्वत देने के बजाय पूरे मामले की लिखित शिकायत एसीबी को सौंप दी। शिकायत की जांच और सत्यापन के बाद एसीबी ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। 24 जून 2026 को केरसई स्थित बीआरसीसी कार्यालय में जाल बिछाकर टीम ने अनिल खलखो को 8 हजार रुपये लेते हुए मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उनके विद्यालय को वित्तीय वर्ष 2025-26 में मध्याह्न भोजन योजना के तहत अंडा और फलाहार उपलब्ध कराने के लिए 1,25,394 रुपये आवंटित किए गए थे। वहीं, पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 की इसी मद की 17,244 रुपये की शेष राशि जोड़ने पर कुल उपलब्ध राशि 1,42,638 रुपये हो गई थी। इस राशि में से 1,09,212 रुपये खर्च किए गए, जबकि 33,426 रुपये बच गए थे।
शिक्षक का कहना है कि जब उन्होंने शेष राशि का प्रतिवेदन तैयार कर केरसई स्थित बीआरसीसी कार्यालय में जमा करने पहुंचे, तब बीपीओ ने फाइल आगे बढ़ाने के बदले रिश्वत की मांग की। आरोप है कि पैसे नहीं देने पर उच्च अधिकारियों से शिकायत कर कार्रवाई कराने की धमकी भी दी गई थी।
एसीबी ने शिकायत को सही पाए जाने के बाद ट्रैप की कार्रवाई को अंजाम दिया और आरोपी अधिकारी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।