चांडिल : नौका विहार में देर रात घुसा जंगली हाथी, दहशत में पर्यटक; वन विभाग की तैयारी पर उठे सवाल

चांडिल : नौका विहार में देर रात घुसा जंगली हाथी, दहशत में पर्यटक; वन विभाग की तैयारी पर उठे सवाल

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Mar 24, 2026, 1:37:00 PM

सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल स्थित प्रसिद्ध नौका विहार क्षेत्र में सोमवार की देर रात अचानक एक जंगली हाथी के पहुंचने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। शांत माहौल में सैर-सपाटा कर रहे पर्यटक और आसपास के दुकानदार हाथी को देखते ही घबरा गए और तुरंत सुरक्षित जगहों की ओर भागकर खुद को बचाया। स्थिति तनावपूर्ण जरूर रही, लेकिन सौभाग्य से हाथी ने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया और कुछ समय बाद वापस जंगल की दिशा में लौट गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हाथी की मौजूदगी की सूचना पहले ही वन विभाग को दे दी गई थी, बावजूद इसके मौके पर समय रहते कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। इस लापरवाही के कारण पर्यटन स्थल पर मौजूद लोगों को अचानक इस खतरे का सामना करना पड़ा।

चांडिल का नौका विहार क्षेत्र क्षेत्रीय पर्यटन का प्रमुख केंद्र है, जहां झारखंड के अलावा पश्चिम बंगाल, ओडिशा और बिहार से बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। बोटिंग और प्राकृतिक दृश्यावलियों के कारण यह जगह खास आकर्षण का केंद्र बनी रहती है। ऐसे में जंगली जानवरों की अचानक मौजूदगी न केवल पर्यटकों में भय पैदा करती है, बल्कि स्थानीय व्यवसायों पर भी प्रतिकूल असर डाल सकती है। यहां की अधिकांश आर्थिक गतिविधियां डैम विस्थापित परिवारों के सहारे चलती हैं।

जानकारों के अनुसार, दलमा वन्यजीव अभयारण्य और गज परियोजना क्षेत्र से हाथियों के झुंड का रुख पिछले कुछ वर्षों में ईचागढ़ और आसपास के इलाकों की ओर बढ़ा है। इसके चलते मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कई बार हाथियों ने खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचाया है, तो कभी गांवों में प्रवेश कर घरों और खाद्यान्न को भी बर्बाद किया है। कुछ घटनाओं में लोगों की जान जाने की भी खबरें सामने आई हैं।

लगातार हो रही इन घटनाओं से परेशान किसानों में असुरक्षा का भाव गहराता जा रहा है, जिसके कारण कुछ लोगों ने खेती तक छोड़ दी है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि हाथियों की गतिविधियों की निगरानी के लिए विशेष टीम बनाई जाए और प्रभावी उपाय किए जाएं, ताकि उन्हें जंगल तक सीमित रखा जा सके और लोगों को सुरक्षित वातावरण मिल सके।