जब आपस में भिड़े गजराज तो क्या हुआ?

जब आपस में भिड़े गजराज तो क्या हुआ?

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jan 28, 2026, 4:20:00 PM

झारखंड के चाईबासा वन प्रमंडल में हाथियों के बीच वर्चस्व की लड़ाई जानलेवा साबित हुई। टोंटो और झींकपानी थाना क्षेत्र से सटे जंगल में दो नर हाथियों के बीच हुए आपसी संघर्ष में एक हाथी की मौत हो गई। मृत हाथी का शव टोंटो थाना क्षेत्र के सागरकाट्ठा और रोंमारा गांव के बीच जंगल में पाया गया, जबकि घटनास्थल से उसका एक दांत गायब मिलने पर वन विभाग की चिंता और बढ़ गई है।

वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, झींकपानी इलाके में सक्रिय हाथियों के झुंड में मंगलवार देर रात दो नर हाथियों के बीच प्रभुत्व को लेकर तीखी झड़प हुई थी। इस संघर्ष के दौरान एक हाथी गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि भिड़ंत के समय हाथी का एक दांत टूटकर अलग हो गया था।

बुधवार सुबह जब वन विभाग की टीम जांच के लिए घटनास्थल पर पहुंची, तो दांत वहां मौजूद नहीं मिला। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए चाईबासा के वन प्रमंडल पदाधिकारी आदित्य नारायण स्वयं टीम के साथ मौके पर डेरा डालकर जांच में जुट गए हैं। विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि दांत किसी स्थानीय व्यक्ति ने उठाया है या इसके पीछे किसी संगठित, संभवतः अंतरराज्यीय, तस्करी गिरोह का हाथ है। पूरे क्षेत्र में ड्रोन कैमरों और गश्ती दलों के जरिये निगरानी कड़ी कर दी गई है।

इसी बीच झींकपानी के पास चाईबासा–डंगवापोसी रेल खंड पर हाथियों का एक अन्य झुंड रेलवे ट्रैक पर आ गया, जिससे हावड़ा–मुंबई मुख्य रेल मार्ग पर ट्रेनों की आवाजाही करीब एक घंटे तक बाधित रही। सूचना मिलते ही वन विभाग की क्विक रिस्पांस टीम मौके पर पहुंची और मशाल व सायरन की मदद से हाथियों को सुरक्षित जंगल की ओर खदेड़ा। इसके बाद रेल परिचालन सामान्य हो सका।

फिलहाल वन विभाग की प्राथमिकता लापता हाथी दांत की बरामदगी के साथ-साथ क्षेत्र में मौजूद हाथियों के झुंड को सुरक्षित वन क्षेत्र में नियंत्रित रखना है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।