विनय महतो ह*त्याकांड मामले में सीबीआई रिपोर्ट को चुनौती, पिता की प्रोटेस्ट याचिका पर कोर्ट में शुरू हुई सुनवाई

विनय महतो ह*त्याकांड मामले में सीबीआई रिपोर्ट को चुनौती, पिता की प्रोटेस्ट याचिका पर कोर्ट में शुरू हुई सुनवाई

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jun 12, 2026, 10:48:00 AM

झारखंड के बहुचर्चित विनय महतो मौत मामले में नया कानूनी मोड़ सामने आया है। मृत छात्र के पिता मनबहल महतो द्वारा केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ दायर प्रोटेस्ट याचिका पर गुरुवार को एसडीजेएम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से प्रारंभिक बहस रखी गई, जबकि मामले पर विस्तृत सुनवाई अब अदालत की अगली निर्धारित तिथि पर होगी।

मनबहल महतो ने सीबीआई की जांच से असहमति जताते हुए अदालत का रुख किया है। उनका कहना है कि जांच एजेंसी के निष्कर्ष मामले की वास्तविकता को सामने नहीं लाते हैं। इसी आधार पर उन्होंने क्लोजर रिपोर्ट को खारिज करने और पूरे मामले की पुनः जांच कराने की मांग की है।

गौरतलब है कि झारखंड हाई कोर्ट ने जुलाई 2022 में इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया था। विस्तृत जांच के बाद सीबीआई ने हाल ही में अदालत में अपनी अंतिम रिपोर्ट दाखिल की, जिसमें कहा गया कि छात्र की मौत किसी हत्या, साजिश या बाहरी हमले का परिणाम नहीं थी। एजेंसी के अनुसार उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह एक दुर्घटनाजन्य घटना प्रतीत होती है।

सीबीआई के इस निष्कर्ष से मृतक के परिजन संतुष्ट नहीं हैं। उनका मानना है कि मामले के कई महत्वपूर्ण पहलुओं की पर्याप्त जांच नहीं की गई है, इसलिए निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए नए सिरे से जांच आवश्यक है।

यह मामला वर्ष 2016 का है। 5 फरवरी 2016 को रांची स्थित सफायर इंटरनेशनल स्कूल परिसर में 13 वर्षीय छात्र विनय महतो का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। घटना के बाद से ही परिजन इसे हत्या का मामला बताते रहे हैं और लगातार निष्पक्ष जांच की मांग करते रहे हैं।

प्रारंभिक जांच के दौरान स्कूल की एक शिक्षिका के नाबालिग पुत्र और पुत्री को आरोपी बनाया गया था। हालांकि, पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण वर्ष 2018 में जुवेनाइल कोर्ट ने दोनों को बरी कर दिया था। वहीं, संबंधित शिक्षिका और उनके पति को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा था। बाद में दोनों को जमानत मिल गई और वे फिलहाल बाहर हैं।

अब सबकी निगाहें एसडीजेएम कोर्ट की आगामी सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार किया जाता है या मामले में आगे किसी नई जांच की संभावना बनती है।