पैंगोलिन (सालक) के अवैध व्यापार से जुड़े मामलों में कार्रवाई तेज करते हुए वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (WCCB) और वन विभाग की टीम ने लातेहार जिले में एक अहम कदम उठाया है। इसी कड़ी में सोमवार देर शाम गारू प्रखंड के दलदलिया गांव के ग्राम प्रधान राजू उरांव को जांच के तहत हिरासत में लिया गया। इस कार्रवाई के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, राजू उरांव अपनी बहन अमिंता उरांव के साथ लातेहार से लौट रहे थे। तभी सरयू घाटी क्षेत्र में WCCB की टीम ने उन्हें रोककर पूछताछ के लिए अपने साथ ले लिया। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई पैंगोलिन तस्करी से जुड़े एक मामले की ongoing जांच का हिस्सा है।
हालांकि, ग्राम प्रधान की बहन अमिंता उरांव ने WCCB टीम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पूछताछ के दौरान उनके साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार किया गया, जबकि मौके पर कोई महिला अधिकारी मौजूद नहीं थी। इस आरोप के बाद मामला और संवेदनशील हो गया।
ग्राम प्रधान को हिरासत में लिए जाने की खबर फैलते ही दलदलिया गांव में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने बैठक कर WCCB की कार्रवाई का विरोध जताया और इसे कानून के खिलाफ तथा अपमानजनक बताया। उनका कहना है कि जांच जरूरी हो सकती है, लेकिन पूछताछ हमेशा नियमों और सम्मानजनक प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए, विशेषकर महिलाओं के मामले में।
सूचना मिलने पर जिला परिषद सदस्य जीरा देवी भी गांव पहुंचीं। उन्होंने कहा कि संदिग्धों से पूछताछ करना एजेंसियों का अधिकार है, लेकिन किसी महिला के साथ दुर्व्यवहार किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
गौरतलब है कि इससे पहले 15 जनवरी को महुआडांड़ क्षेत्र में वन विभाग ने पैंगोलिन के अवैध व्यापार का भंडाफोड़ किया था। उस कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था और उनके पास से करीब चार किलो पैंगोलिन बरामद होने की पुष्टि हुई थी। उसी मामले से जुड़ी कड़ियों को खंगालते हुए मौजूदा कार्रवाई की गई बताई जा रही है।