झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए नामांकन और चुनावी प्रक्रिया के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सोमवार सुबह से ही विधानसभा परिसर में विधायकों और विभिन्न दलों के नेताओं की आवाजाही शुरू हो गई। सत्तारूढ़ इंडिया गठबंधन ने एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए दावा किया कि दोनों सीटों पर उसके उम्मीदवारों की जीत तय है।
सुबह विधानसभा पहुंचने वाले नेताओं में सबसे पहले झामुमो के वरिष्ठ विधायक हेमलाल मुर्मू नजर आए। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि गठबंधन के पास पर्याप्त समर्थन मौजूद है और संख्या बल के आधार पर उसके दोनों प्रत्याशी मजबूत स्थिति में हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि चुनाव परिणाम महागठबंधन के पक्ष में जाएंगे।
दूसरी ओर, राष्ट्रीय जनता दल ने भी गठबंधन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। राजद नेता संजय सिंह यादव ने कहा कि पार्टी के सभी विधायक इंडिया गठबंधन के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने जानकारी दी कि राजद विधायक दल के नेता सुरेश पासवान, मंत्री संजय यादव और विधायक नरेश सिंह ने कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा के प्रस्तावक के रूप में नामांकन प्रक्रिया में भाग लिया है। इसे गठबंधन के भीतर समन्वय और साझा रणनीति के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
इस बीच, झामुमो समर्थित राज्यसभा उम्मीदवार बैद्यनाथ राम भी विधानसभा पहुंचे और अपनी उम्मीदवारी को लेकर विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि उनके नामांकन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन प्रस्तावक की भूमिका निभा रहे हैं। बैद्यनाथ राम ने कहा कि गठबंधन के सभी सहयोगी दल एकजुट हैं और इसी आधार पर दोनों उम्मीदवारों की सफलता को लेकर उन्हें पूरा भरोसा है।
राज्यसभा चुनाव को देखते हुए विधानसभा परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। राजनीतिक दल लगातार अपने विधायकों के संपर्क में हैं और हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं। मौजूदा संकेत बताते हैं कि महागठबंधन किसी भी संभावित राजनीतिक उलटफेर या क्रॉस वोटिंग की आशंका को लेकर सतर्क है और अपने समर्थन आधार को संगठित रखने पर विशेष ध्यान दे रहा है।
झारखंड की इन दो राज्यसभा सीटों के लिए जारी चुनावी कवायद के बीच सत्ता पक्ष का आत्मविश्वास साफ दिखाई दे रहा है। अब निगाहें आगामी प्रक्रिया और मतदान के दिन बनने वाले अंतिम राजनीतिक समीकरणों पर टिकी हैं।