झारखंड सरकार ने राज्य के मेधावी युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। आदिवासी कल्याण आयुक्त कार्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए “मरांग गोमके जयपाल सिंह मुण्डा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना” के अंतर्गत आवेदन प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। इस योजना के जरिए चयनित विद्यार्थियों को विदेश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में अध्ययन का अवसर मिलेगा।
इस छात्रवृत्ति कार्यक्रम के तहत छात्रों को यूनाइटेड किंगडम और नॉर्दर्न आयरलैंड के नामी शिक्षण संस्थानों में दाखिला दिलाया जाएगा। चयनित अभ्यर्थी एक वर्षीय पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स, एम.फिल, एम.रिसर्च और एमबीए जैसे पेशेवर पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कर सकेंगे। राज्य सरकार ने इस वर्ष कुल 50 विद्यार्थियों के चयन का लक्ष्य तय किया है।
सीटों का वर्गवार वितरण भी निर्धारित किया गया है। अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 20 सीटें आरक्षित हैं, जबकि अनुसूचित जाति वर्ग को 10 सीटें दी गई हैं। पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 14 और अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों के लिए 6 सीटें निर्धारित की गई हैं।
ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 14 मई से शुरू होकर 20 जून तक चलेगी। इच्छुक उम्मीदवारों को आवेदन के लिए योजना की आधिकारिक वेबसाइट www.mgos.jharkhand.gov.in पर जाकर पंजीकरण करना होगा।
सरकार ने आवेदन से जुड़ी कुछ जरूरी शर्तें भी स्पष्ट की हैं। जिन छात्रों को विदेशी विश्वविद्यालयों से प्रवेश प्रस्ताव (ऑफर लेटर) प्राप्त हो चुका है, उन्हें आवेदन के दौरान उसकी प्रति अपलोड करनी होगी। इसके अलावा संबंधित विषय में कार्य अनुभव या शिक्षण अनुभव रखने वाले अभ्यर्थियों को प्रमाण-पत्र भी ऑनलाइन जमा करना अनिवार्य होगा।
राज्य सरकार की इस पहल को झारखंड के प्रतिभाशाली छात्रों के लिए वैश्विक शिक्षा तक पहुंच बनाने की बड़ी कोशिश माना जा रहा है। इससे आर्थिक रूप से सीमित पृष्ठभूमि के विद्यार्थी भी विश्वस्तरीय संस्थानों में अध्ययन कर अपने करियर को नई दिशा दे सकेंगे।