झारखंड की राजधानी रांची आज एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक और औपचारिक कार्यक्रम की मेजबानी करेगी, जहां देश के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) रांची के 15वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। इस अवसर पर कुल 558 छात्रों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी, जबकि सात उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को मेडल और विशेष पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा।
समारोह में कई प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी भी रहेगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह और केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ इस आयोजन में शामिल होंगे। कार्यक्रम का पहला सत्र दोपहर 3 बजे शुरू होगा, जिसमें वर्ष 2024-26 के विभिन्न प्रबंधन पाठ्यक्रमों के टॉपर्स को सम्मानित किया जाएगा। इनमें एमबीए, एमबीए-बिजनेस एनालिटिक्स, एमबीए-एचआरएम और दोनों एग्जीक्यूटिव कार्यक्रम (समर व विंटर) शामिल हैं। साथ ही, दो विद्यार्थियों को स्टूडेंट सिटीजनशिप अवॉर्ड और प्रोफेसर आशीष हाजेला अवॉर्ड भी प्रदान किए जाएंगे।
दौरे की शुरुआत सुबह लगभग 10 बजे रांची एयरपोर्ट पर आगमन से होगी। इसके बाद उपराष्ट्रपति हेलीकॉप्टर से खूंटी जिले के उलिहातू पहुंचेंगे, जहां वे भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे और उनके परिजनों से मुलाकात करेंगे। इसी दौरान वे संस्थान द्वारा विकसित देश के पहले वर्चुअल रियलिटी आधारित बी-स्कूल केस रिपॉजिटरी का शुभारंभ भी करेंगे। इसके बाद वे राजभवन में दोपहर का भोजन करेंगे और फिर IIM रांची के कार्यक्रम में भाग लेने पहुंचेंगे।
उच्च स्तरीय दौरे को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। उलिहातू और उसके आसपास के क्षेत्र को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया है, जहां किसी भी प्रकार के ड्रोन, पैराग्लाइडर या हॉट एयर बैलून के उपयोग पर प्रतिबंध रहेगा।
रांची शहर में भी यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक भारी और मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी। हिनू, बिरसा चौक, अरगोड़ा, किशोरगंज, न्यू मार्केट और एटीआई मोड़ जैसे प्रमुख स्थानों पर ट्रैफिक नियंत्रित रहेगा। बड़े वाहनों को रिंग रोड के जरिए डायवर्ट किया गया है, जबकि आवश्यकता के अनुसार अन्य मार्गों पर भी बदलाव किए जा सकते हैं।
पूरे कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए रांची और खूंटी में पांच आईपीएस अधिकारियों की तैनाती की गई है, ताकि सभी आयोजन सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न हो सकें।