उत्तराखंड की बेटी के साथ हुई दरिंदगी पर चुप क्यों हैं मोदी और अमित शाह? : आलोक दूबे

उत्तराखंड की बेटी के साथ हुई दरिंदगी पर चुप क्यों हैं मोदी और अमित शाह? : आलोक दूबे

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : May 07, 2026, 5:59:00 PM

झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने उत्तराखंड में छात्रा के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना को लेकर भाजपा और केंद्र सरकार की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल कानून-व्यवस्था की समस्या नहीं, बल्कि शासन तंत्र की असफलता और संवेदनहीन रवैये को भी सामने लाता है।

आलोक दूबे ने बयान जारी कर कहा कि भाजपा अक्सर उत्तराखंड को “देवभूमि” के रूप में प्रस्तुत करती है, लेकिन उसी राज्य में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद सत्ता के शीर्ष नेताओं की ओर से अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखाई गई।

उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए पूछा कि देश की आंतरिक सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर लगातार बयान देने वाले नेता इस घटना के बाद उत्तराखंड क्यों नहीं पहुंचे। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी सवाल किया कि अब तक पीड़िता के परिवार से मुलाकात या देश को आश्वस्त करने वाला कोई सार्वजनिक संदेश क्यों नहीं दिया गया।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा विपक्ष शासित राज्यों में होने वाली घटनाओं पर आक्रामक राजनीतिक प्रतिक्रिया देती है, लेकिन जब मामला भाजपा शासित प्रदेश का हो तो पार्टी नेतृत्व चुप्पी साध लेता है। उनके अनुसार, यह दोहरा रवैया जनता के सामने स्पष्ट दिखाई दे रहा है।

दूबे ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि महिलाओं, दलितों और आदिवासी समुदायों के खिलाफ अपराधों में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में उत्तर प्रदेश शीर्ष राज्यों में शामिल है और पिछले एक दशक में देशभर में ऐसे मामलों की संख्या चिंताजनक स्तर तक पहुंची है।

उन्होंने कहा कि देश में महिलाओं के बीच असुरक्षा की भावना बढ़ रही है और कई मामलों में अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिलने के आरोप भी सामने आते हैं। उनके अनुसार, ऐसी परिस्थितियां कानून के प्रति अपराधियों के भय को कमजोर करती हैं।

कांग्रेस नेता ने मांग की कि उत्तराखंड की घटना की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाए और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार और भाजपा नेतृत्व से महिलाओं की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट जवाब देने की मांग भी की।