ऊर्जा संकट के बीच झारखंड न्यायिक अकादमी का बड़ा फैसला, अब सभी प्रशिक्षण होंगे ऑनलाइन

ऊर्जा संकट के बीच झारखंड न्यायिक अकादमी का बड़ा फैसला, अब सभी प्रशिक्षण होंगे ऑनलाइन

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : May 14, 2026, 5:15:00 PM

देश में ईंधन और ऊर्जा संसाधनों पर बढ़ते दबाव के बीच झारखंड न्यायिक अकादमी ने अपनी कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव करते हुए आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रमों को डिजिटल मोड में आयोजित करने का निर्णय लिया है। अकादमी का मानना है कि इस पहल से ऊर्जा संरक्षण के साथ-साथ प्रशासनिक कार्यों की निरंतरता भी बनी रहेगी।

अकादमी के निदेशक अमीकर पवार ने बताया कि आने वाले समय में आयोजित होने वाली शैक्षणिक गतिविधियां और प्रशिक्षण सत्र ऑनलाइन माध्यम से संचालित किए जाएंगे। इस संबंध में राज्य के सभी जिला न्यायालयों को आधिकारिक सूचना भेज दी गई है। साथ ही विस्तृत दिशा-निर्देश अकादमी की वेबसाइट पर भी उपलब्ध करा दिए गए हैं।

यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब देशभर में ऊर्जा बचत को लेकर चर्चा तेज है। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से अनावश्यक ईंधन खपत कम करने और ऊर्जा संरक्षण को प्राथमिकता देने की अपील की थी। न्यायिक अकादमी ने इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए डिजिटल प्रशिक्षण व्यवस्था को अपनाया है।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, पुलिस पदाधिकारियों और अन्य संबंधित प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के लिए रांची स्थित अकादमी आने की आवश्यकता नहीं होगी। वे अपने-अपने जिलों से ही ऑनलाइन सत्रों में भाग ले सकेंगे। इससे यात्रा में खर्च होने वाले समय और ईंधन दोनों की बचत होने की उम्मीद है।

झारखंड न्यायिक अकादमी राज्य में न्यायिक व्यवस्था से जुड़े विभिन्न वर्गों के लिए नियमित रूप से प्रशिक्षण और कार्यशालाओं का आयोजन करती रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार संस्थान हर महीने कई प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करता है, जिनमें सैकड़ों अधिकारी और अधिवक्ता हिस्सा लेते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह परिवर्तन केवल अस्थायी समाधान नहीं, बल्कि न्यायिक प्रशिक्षण व्यवस्था में तकनीक आधारित आधुनिक मॉडल की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे दूरदराज के जिलों में कार्यरत अधिकारियों की भागीदारी भी पहले की तुलना में अधिक सहज हो सकेगी।