डीएवी सरला स्कूल, तुपुदाना में आज विद्या, विवेक और ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती की आराधना पूरे श्रद्धा-भाव और उल्लास के साथ की गई। विद्यालय परिसर सुबह से ही भक्तिमय माहौल में डूबा रहा, जहाँ शिक्षकगण और विशेष रूप से लिटिल लर्नर्स ने पूरे उत्साह के साथ पूजा कार्यक्रम में सहभागिता निभाई।
पारंपरिक वेशभूषा में सजे नन्हे-मुन्ने बच्चे माँ सरस्वती के समक्ष पुष्प अर्पित करते नजर आए। उनकी निश्छल भक्ति, चमकती आँखें और मुस्कान ने आयोजन को और भी जीवंत बना दिया। विद्यालय परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया था और विधिवत मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अनुष्ठान संपन्न कराया गया। पूजा के उपरांत सभी के बीच प्रसाद का वितरण भी किया गया।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य मेहुल दुबे ने कहा कि सरस्वती पूजा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुशासन और संस्कारों के महत्व को समझने का अवसर है। उन्होंने विद्यार्थियों से मन लगाकर पढ़ाई करने, शिक्षकों के प्रति सम्मान बनाए रखने और जीवन में ज्ञान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सच्चे अर्थों में यही माँ सरस्वती की आराधना है।
पूरे कार्यक्रम का समापन प्रसाद वितरण के साथ हुआ। विद्यालय में दिनभर उल्लास, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण बना रहा। आयोजन में शिक्षिकाएँ आरती मिंज, मेघा बखला, महिमा सिंह सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएँ भी उपस्थित रहीं और बच्चों का उत्साहवर्धन किया।