प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीएसपीसी के कथित सब-जोनल कमांडर बिराम राम उर्फ अरविंद जी को जमानत नहीं मिल सकी। अपर न्यायायुक्त अखिलेश कुमार तिवारी की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद उनकी नियमित जमानत याचिका अस्वीकार कर दी। आरोपी 4 मई, 2026 से न्यायिक हिरासत में जेल में बंद है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, पुलिस ने 3 मई, 2026 को चंदवा क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए बिराम राम को गिरफ्तार किया था। जांच के दौरान पूछताछ में आरोपी पर व्यवसायियों, ठेकेदारों और ईंट-भट्ठा संचालकों से व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से लेवी मांगने और वसूलने का आरोप सामने आया। पुलिस का दावा है कि आरोपी की निशानदेही पर एक देसी 9 एमएम पिस्तौल, सात जिंदा कारतूस, एक मोबाइल फोन तथा दो राउटर बरामद किए गए।
सुनवाई के दौरान अदालत ने केस डायरी, गवाहों के बयान और बैलिस्टिक विशेषज्ञ की रिपोर्ट का विस्तार से परीक्षण किया। विशेषज्ञ रिपोर्ट में जब्त पिस्तौल और कारतूस को पूरी तरह कार्यशील बताया गया, जिसे अदालत ने महत्वपूर्ण साक्ष्य माना।
अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि आरोपी के विरुद्ध पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और उसे नक्सली गतिविधियों से जुड़ा बताया गया है। बरामद हथियार, उपलब्ध साक्ष्यों, मामले की गंभीरता और आरोपी के आपराधिक इतिहास को ध्यान में रखते हुए अदालत ने जमानत देने से इनकार कर दिया।