मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आलमगीर आलम की मुश्किलें बढ़ीं, ED चार गवाहों को करेगी पेश

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आलमगीर आलम की मुश्किलें बढ़ीं, ED चार गवाहों को करेगी पेश

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Apr 09, 2026, 11:40:00 AM

टेंडर से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मंत्री आलमगीर आलम की कानूनी चुनौती और गहराती नजर आ रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रांची स्थित पीएमएलए की विशेष अदालत को सूचित किया है कि वह इस मामले में चार अहम गवाहों को पेश करने जा रही है, जिनके बयान केस की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

यह जानकारी ईडी ने आलमगीर आलम की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष रखी। जिन व्यक्तियों को गवाही के लिए प्रस्तुत किया जाएगा, उनमें मुन्ना कुमार उर्फ मुन्ना सिंह, संतोष कुमार उर्फ रिंकू के साथ-साथ संपत्ति से जुड़े दो विक्रेता; स्वर्णजीत सिंह और बिंदेश्वर राम शामिल हैं।

अदालत ने अभियोजन पक्ष को इन गवाहों के बयान दर्ज कराने के लिए चार सप्ताह का समय प्रदान किया है। साथ ही, जमानत याचिका पर अगली सुनवाई के लिए 11 मई की तारीख तय की गई है। इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट ने जुलाई में उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है। शीर्ष अदालत में यह मामला न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश्वर और न्यायमूर्ति एन. कोटीश्वर सिंह की पीठ के समक्ष विचाराधीन है।

इस प्रकरण में उस समय बड़ा मोड़ आया था, जब आलमगीर आलम के करीबी माने जाने वाले उनके निजी सचिव संजीव कुमार लाल और घरेलू सहायक जहांगीर आलम के ठिकानों से करीब 32.30 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए थे। इसी बरामदगी के बाद जांच एजेंसी ने कार्रवाई तेज करते हुए आलमगीर आलम को गिरफ्तार किया था।

फिलहाल, मामले की सुनवाई जारी है और आने वाले दिनों में गवाहों के बयान के बाद केस में नए तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।