खूंटी के पहड़ा राजा सोमा मुंडा की हत्या को लेकर आदिवासी समुदायों ने आज राज्यव्यापी झारखंड बंद बुलाया, जिसका व्यापक असर राजधानी रांची में दिखाई दिया। सुबह से ही शहर के प्रमुख चौराहों और बाजार क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा।
केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष बबलु मुंडा के नेतृत्व में विभिन्न आदिवासी संगठनों के सैकड़ों कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने हत्या के दोषियों को फांसी देने और पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय दिलाने की मांग की। उनका आरोप है कि यह घटना आदिवासी समाज के खिलाफ रची गई एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है।
चौराहों पर जाम, बाजार रहे बंद
बंद के कारण अल्बर्ट एक्का चौक, करमटोली चौक समेत कई इलाकों में अधिकांश दुकानें बंद रहीं। जो प्रतिष्ठान खुले मिले, उन्हें भी आंदोलनकारियों ने बंद करा दिया। अल्बर्ट एक्का चौक के पास सड़क पर रस्सी बांधकर अवरोध खड़ा किया गया, जिससे मुख्य मार्ग से आने-जाने वाले वाहनों को वैकल्पिक रास्तों पर मोड़ना पड़ा। वहीं करमटोली चौक पर टायर जलाकर और सड़क पर बैठकर विरोध जताया गया, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया और लंबा जाम लग गया।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने कहा कि हत्या के मामले में अब तक पुलिस मुख्य आरोपियों को पकड़ने में नाकाम रही है। उन्होंने चेताया कि यदि सरकार और प्रशासन ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। इस दौरान आदिवासी छात्र संघ के अध्यक्ष विवेक तिर्की, सुरेंद्र लिंडा, कुमुद कुमार वर्मा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रशासन सतर्क, नागरिक परेशान
झारखंड बंद को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने राजधानी के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए हैं। सार्वजनिक परिवहन पर भी बंद का असर पड़ा, जिससे रोजमर्रा के कामों के लिए निकलने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।