झारखंड प्रशासनिक ढांचे के सामने आने वाले महीनों में एक नई चुनौती खड़ी हो सकती है। राज्य में पहले से ही भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों की संख्या स्वीकृत पदों के मुकाबले कम है, और अब आगामी आठ महीनों में आठ वरिष्ठ अधिकारियों के रिटायरमेंट से यह स्थिति और गंभीर होने की संभावना है।
राज्य में कुल 224 आईएएस पद स्वीकृत हैं, जबकि वर्तमान में केवल 189 अधिकारी ही सेवाएं दे रहे हैं। इस तरह 35 पद पहले से ही खाली पड़े हैं। आने वाले समय में आठ और अधिकारियों के सेवानिवृत्त होने के बाद यह कमी बढ़कर 43 तक पहुंच सकती है, जो प्रशासनिक कार्यों पर असर डाल सकती है।
इस सिलसिले की शुरुआत इसी महीने से हो रही है। वरिष्ठ अधिकारी सुनील कुमार और मनोहर मरांडी 30 अप्रैल 2026 को सेवा से विदा ले लेंगे। इसके बाद जून, जुलाई, अगस्त, नवंबर और दिसंबर में भी अलग-अलग तिथियों पर अन्य अधिकारी सेवानिवृत्त होंगे।
सेवानिवृत्ति की सूची में अभय नंदन अंबष्ठ (30 जून 2026), सुनील सिंह (31 जुलाई 2026), मनोज कुमार (31 अगस्त 2026), सत्येंद्र कुमार (30 नवंबर 2026), गोपालजी तिवारी (30 नवंबर 2026) और कुमुद सहाय (31 दिसंबर 2026) शामिल हैं।
प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि केंद्र सरकार से नए अधिकारियों की तैनाती नहीं होती या राज्य स्तर पर पदोन्नति की प्रक्रिया में तेजी नहीं लाई जाती, तो विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और शासन-प्रशासन की गति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में सरकार के सामने समय रहते इस कमी को दूर करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।