कांग्रेस कार्यालय में शहीद शेख भिखारी और टिकैत उमराव सिंह के बलिदान को किया गया स्मरण, दी गयी श्रद्धांजलि

कांग्रेस कार्यालय में शहीद शेख भिखारी और टिकैत उमराव सिंह के बलिदान को किया गया स्मरण, दी गयी श्रद्धांजलि

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jan 08, 2026, 4:30:00 PM

रांची स्थित कांग्रेस कार्यालय में आज अमर शहीद शेख भिखारी और टिकैत उमराव सिंह के शहादत दिवस पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम के दौरान 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में उनके अद्वितीय योगदान को याद किया गया और उनके विचारों व आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

सभा में वक्ताओं ने कहा कि शेख भिखारी और टिकैत उमराव सिंह ने देश की आज़ादी के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया और उनका संघर्ष आज भी प्रेरणा देता है। नेताओं ने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए उनके बलिदान से सीख लेने और देश सेवा के मार्ग पर चलने की अपील की।

इतिहास का स्मरण करते हुए बताया गया कि 1857 के महासंग्राम के दौरान दोनों वीरों ने छोटानागपुर क्षेत्र में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ सशस्त्र प्रतिरोध का नेतृत्व किया था। चुटूपालू घाटी में मार्ग अवरुद्ध कर उन्होंने ब्रिटिश सेना की आवाजाही और आपूर्ति व्यवस्था को ठप कर दिया, जिससे अंग्रेजी फौज को भारी नुकसान उठाना पड़ा। स्थानीय लोगों को संगठित कर उन्होंने औपनिवेशिक सत्ता को खुली चुनौती दी।

ब्रिटिश शासन ने इस प्रतिरोध को राजद्रोह करार देते हुए अन्य क्रांतिकारियों को भयभीत करने के उद्देश्य से 8 जनवरी 1858 को चुटूपालू घाटी में एक बरगद के पेड़ पर शेख भिखारी और टिकैत उमराव सिंह को सार्वजनिक रूप से फांसी दे दी थी। उनकी शहादत आज भी झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए साहस और बलिदान की मिसाल बनी हुई है।