आदिवासी बुद्धिजीवी मंच की याचिका निस्तारित, हाईकोर्ट से बालू घाटों के आवंटन को हरी झंडी

आदिवासी बुद्धिजीवी मंच की याचिका निस्तारित, हाईकोर्ट से बालू घाटों के आवंटन को हरी झंडी

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jan 13, 2026, 1:14:00 PM

पेसा नियमावली को लेकर दायर अवमानना याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और पंचायती राज विभाग ने अदालत को अवगत कराया कि राज्य में पेसा नियमों को प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है। इस जानकारी के बाद न्यायालय ने याचिका को निस्तारित करते हुए बालू घाटों की नीलामी के बाद आवंटन पर पहले से लगी रोक को समाप्त कर दिया।

हाईकोर्ट के इस फैसले के साथ ही झारखंड में बालू घाटों की नीलामी के पश्चात उनके आवंटन की प्रक्रिया अब बिना किसी कानूनी अड़चन के आगे बढ़ सकेगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि चूंकि नियमावली के क्रियान्वयन की शर्त पूरी हो चुकी है, इसलिए पूर्व में लगाया गया प्रतिबंध अब आवश्यक नहीं रह गया है।

यह अवमानना याचिका आदिवासी बुद्धिजीवी मंच की ओर से दाखिल की गई थी। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में हुई। राज्य सरकार की तरफ से महाधिवक्ता ने अपना पक्ष रखा, जबकि याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अजीत कुमार ने अदालत के समक्ष दलीलें प्रस्तुत कीं।

न्यायालय के इस आदेश को राज्य में खनन और पंचायत व्यवस्था से जुड़े प्रशासनिक निर्णयों के लिहाज से अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे बालू घाटों के प्रबंधन से संबंधित प्रक्रिया को नई गति मिलने की संभावना है।