झारखंड में कथित ट्रेज़री घोटाले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस कमिटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने इस मामले में भारतीय जनता पार्टी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, असली जिम्मेदारों का खुलासा होगा और उसमें भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री की भूमिका सामने आ सकती है। दूबे ने भाजपा को खुली चुनौती देते हुए कहा कि पार्टी स्पष्ट करे कि वह किस एजेंसी से जांच चाहती है; प्रवर्तन निदेशालय (ED), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) या किसी अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसी से। उन्होंने कहा कि राज्य की गठबंधन सरकार हर तरह की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए तैयार है और किसी भी स्तर पर जांच से पीछे नहीं हटेगी। कांग्रेस नेता ने यह भी तंज कसा कि यह सुनिश्चित होना चाहिए कि आरोपी किसी तरह “सिस्टम” के जरिए बच न निकलें। उनके अनुसार, सरकार इस मामले में चरणबद्ध तरीके से जांच कर रही है और हर स्तर पर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही इस घोटाले के मुख्य आरोपी तक जांच एजेंसियां पहुंच जाएंगी। दूबे ने आरोप लगाया कि यह घोटाला भाजपा के शासनकाल के दौरान हुआ और अब उसकी परतें खुल रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा शासित राज्यों या केंद्र में भ्रष्टाचार के मामलों में ठोस कार्रवाई देखने को नहीं मिलती, यहां तक कि कई मामलों में प्राथमिकी दर्ज करने तक से परहेज किया जाता है। उन्होंने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी पर अक्सर आपराधिक तत्वों को संरक्षण देने के आरोप लगते रहे हैं, जबकि वर्तमान राज्य सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्रवाई कर रही है। दूबे ने दोहराया कि दोषियों को कानून के दायरे में लाकर सख्त सजा दिलाना सरकार की प्राथमिकता है।