DSP पोस्टिंग को लेकर नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना, कहा-पुलिस प्रशासन को बनाया जा रहा मज़ाक

DSP पोस्टिंग को लेकर नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना, कहा-पुलिस प्रशासन को बनाया जा रहा मज़ाक

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jan 31, 2026, 3:07:00 PM

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने पुलिस उपाधीक्षकों की तैनाती प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए हेमंत सोरेन सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। मरांडी ने आरोप लगाया कि राज्य में पुलिस अधिकारियों की पोस्टिंग को लेकर गंभीर अनियमितताएं हो रही हैं, जिससे पूरी प्रशासनिक व्यवस्था की विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है।

शनिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किए गए अपने बयान में मरांडी ने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि कई पुलिस अधिकारियों को पदोन्नति मिलने के बाद भी सालों तक जिम्मेदारी नहीं दी गई। वहीं, कुछ मामलों में अधिकारियों को सेवानिवृत्ति से ठीक 24 घंटे पहले डीएसपी पद पर तैनात कर दिया गया, जो पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है।

नेता प्रतिपक्ष ने यह भी दावा किया कि झारखंड लोक सेवा आयोग के जरिए चयनित सातवें से दसवें बैच तक के कुल 39 डीएसपी आज भी पोस्टिंग की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीधा सवाल किया कि डीएसपी बनने की पात्रता क्या है और पदोन्नति के बाद तैनाती के लिए आखिर कौन-से मानदंड अपनाए जा रहे हैं।

बाबूलाल मरांडी ने कुछ अधिकारियों की भूमिका और आचरण पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि इससे पुलिस विभाग की साख को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी आदिवासी महिला दारोगा रूपा तिर्की की मौत के बाद चरित्र हनन जैसे मामलों में शामिल रहे या फिर अन्य प्रकरणों में जिम्मेदारी निभाने से बचते दिखाई दिए।

उदाहरण के तौर पर मरांडी ने बताया कि करीब सात महीने पहले इंस्पेक्टर से डीएसपी पद पर पदोन्नत हुए चार अधिकारियों—अखिलेश प्रसाद मंडल, सरोज कुमार सिंह, शैलेश प्रसाद और विनोद उरांव—को लंबे इंतजार के बाद शुक्रवार को, यानी सेवानिवृत्ति से ठीक एक दिन पहले, स्पेशल ब्रांच में पोस्टिंग दी गई। अगले ही दिन ये सभी अधिकारी सेवानिवृत्त हो गए।

मरांडी ने इस पूरे मामले को सरकार की प्रशासनिक कार्यशैली का प्रतीक बताते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्था से न तो अधिकारियों का मनोबल बढ़ेगा और न ही जनता का भरोसा कायम रह पाएगा।