झारखंड में संचालित 108 एम्बुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों की समस्याओं और उनके समाधान को लेकर 6 मार्च 2026 को स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने की। बैठक में एम्बुलेंस सेवा से जुड़े कर्मियों की विभिन्न मांगों और कार्य से जुड़ी चुनौतियों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय और झारखंड प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों ने भाग लिया और कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से सरकार के समक्ष रखा। इस दौरान जयप्रकाश कौशिक (अखिल भारतीय राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य एवं लीगल एक्सपर्ट, भारतीय मजदूर संघ), राजीव रंजन (प्रदेश महामंत्री, भारतीय मजदूर संघ झारखंड), अनुज कुमार झा (प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य), नीरज तिवारी (प्रदेश अध्यक्ष, झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ), कुणाल बनर्जी (प्रदेश कोषाध्यक्ष) और धनबाद के जिला सचिव रवींद्र कुमार सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से जुड़े नोडल अधिकारी डॉ. पंकज कुमार सिंह, अवनी प्रसाद और अन्य संबंधित अधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। झारखंड के विभिन्न जिलों से एम्बुलेंस कर्मचारी संघ के प्रतिनिधियों ने भी इसमें भाग लेकर अपनी समस्याएं रखीं।
बैठक के दौरान संगठन की ओर से यह सुझाव दिया गया कि 108 एम्बुलेंस सेवा के संचालन में निजी कंपनियों की मध्यस्थता समाप्त कर सरकार स्वयं स्थायी और पारदर्शी व्यवस्था लागू करे। उनका कहना था कि ऐसी व्यवस्था से कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा, समय पर वेतन, सामाजिक सुरक्षा और अन्य जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित हो सकेंगी।
इस पर अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने सुझाव दिया कि उन राज्यों के मॉडल का अध्ययन किया जाए, जहां एम्बुलेंस सेवा सीधे राज्य सरकार के माध्यम से संचालित हो रही है और कर्मचारियों को शोषण का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने कहा कि ऐसे सफल मॉडलों का अध्ययन कर झारखंड में भी बेहतर व्यवस्था लागू करने की दिशा में जल्द पहल की जाएगी।
बैठक सकारात्मक माहौल में समाप्त हुई और अधिकारियों ने कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए विभागीय स्तर पर शीघ्र कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया।