झारखंड लोकभवन में संयुक्त रूप से मनाया गया नागालैंड और असम का स्थापना दिवस

झारखंड लोकभवन में संयुक्त रूप से मनाया गया नागालैंड और असम का स्थापना दिवस

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Dec 03, 2025, 3:26:00 PM

राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने आज लोक भवन, झारखंड में आयोजित समारोह में नागालैंड और असम के स्थापना दिवस को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि नागालैंड का स्थापना दिवस 1 दिसंबर और असम का 2 दिसंबर को था, लेकिन राज्य से बाहर रहने के कारण इन तिथियों पर कार्यक्रम आयोजित नहीं हो सका। इसलिए इस वर्ष दोनों राज्यों का स्थापना दिवस झारखंड में संयुक्त रूप से मनाया गया।

राज्यपाल ने झारखंड में निवासरत नागालैंड और असम के नागरिकों की मेहनत, समर्पण और प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि वे राज्य के विकास में निरंतर योगदान दे रहे हैं। उन्होंने दोनों राज्यों को पूर्वोत्तर भारत के सांस्कृतिक और प्राकृतिक दृष्टि से समृद्ध प्रदेश बताते हुए कहा कि इनकी पहचान केवल प्राकृतिक सुंदरता से नहीं, बल्कि कला, संस्कृति, परंपरा और सरल जीवनशैली से भी होती है।

पूर्वोत्तर क्षेत्र के महत्व पर प्रकाश डालते हुए राज्यपाल ने कहा कि यह क्षेत्र देश की सुरक्षा, विकास, सांस्कृतिक समृद्धि और पर्यावरणीय संतुलन में विशेष भूमिका निभाता है। यहाँ की विविध जनजातियाँ, भाषाएँ और परंपराएँ मिलकर एक अनोखा सांस्कृतिक इंद्रधनुष बनाती हैं। प्राकृतिक संसाधनों, जैव-विविधता, पारंपरिक ज्ञान, हस्तशिल्प, संगीत, नृत्य और पर्यटन के अवसर इस क्षेत्र को देश के लिए अमूल्य स्रोत बनाते हैं।

राज्यपाल ने असम के बारे में कहा कि इसे लाल नदी और नीली पहाड़ियों की भूमि कहा जाता है। यह राज्य अपनी जनजातियों, लोककला, संगीत, साहित्य और ऐतिहासिक धरोहर के लिए प्रसिद्ध है। ब्रह्मपुत्र की विशाल धारा, चाय बागानों की हरियाली और बिहू नृत्य असम की विशिष्ट पहचान को और भी उजागर करते हैं। वहीं, नागालैंड को ‘त्योहारों की भूमि’ के रूप में जाना जाता है, जहाँ पारंपरिक लोकनृत्य, रंग-बिरंगे परिधान, हस्तशिल्प और वीरता की सांस्कृतिक परंपरा समृद्ध है। हॉर्नबिल महोत्सव इस विविधता का जीवंत प्रतीक है।

राज्यपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "एक भारत, श्रेष्ठ भारत" कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पहल राज्यों को एक-दूसरे की संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने यह भी कहा कि साझा स्थापना दिवस मनाने से पारस्परिक समझ बढ़ती है और राज्यों की विरासत के बारे में जागरूकता आती है।

राज्यपाल ने देश की ‘विविधता में एकता’ को दुनिया के लिए उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कामना की कि नागालैंड और असम निरंतर प्रगति करें, इनके नागरिक खुशहाल रहें और सांस्कृतिक धरोहर विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाए।

इस अवसर पर राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव डॉ. नितिन मदन कुलकर्णी ने स्वागत भाषण में दोनों राज्यों के लोगों को बधाई देते हुए कहा कि असम के भूपेन हज़ारिका और जुबिन गर्ग जैसे कलाकारों ने भारतीय संगीत को नई दिशा दी है। साथ ही, उन्होंने नागालैंड के हॉर्नबिल महोत्सव की सांस्कृतिक महत्ता और उसकी वैश्विक आकर्षकता पर प्रकाश डाला।