वित्त आयोग की मियाद खत्म, फंड जारी नहीं हुआ तो झारखंड को लगेगा बड़ा झटका!

वित्त आयोग की मियाद खत्म, फंड जारी नहीं हुआ तो झारखंड को लगेगा बड़ा झटका!

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Mar 31, 2026, 10:20:00 AM

केंद्र सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर झारखंड को बड़ी वित्तीय राहत देने का प्रस्ताव रखा है। विभाग ने केंद्रीय वित्त मंत्रालय से राज्य को करीब 411 करोड़ रुपये का ‘टायड फंड’ जारी करने की अनुशंसा की है। हालांकि इस सिफारिश का समय बेहद अहम है, क्योंकि आयोग का कार्यकाल आज, 31 मार्च को समाप्त हो रहा है। यदि निर्धारित तिथि तक यह राशि जारी नहीं होती, तो इसके निष्प्रभावी होने की आशंका बनी हुई है।

जानकारी के अनुसार, 30 मार्च को यह प्रस्ताव भेजा गया है, जिससे केंद्र सरकार के पास निर्णय लेने के लिए सीमित समय बचा है। यदि 31 मार्च के भीतर फंड जारी कर दिया जाता है, तो यह राशि सुरक्षित रहेगी और राज्य को मिल जाएगी। अन्यथा, वित्तीय नियमों के तहत यह फंड स्वतः निरस्त हो सकता है।

इस वित्तीय सहायता का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति और स्वच्छता सेवाओं को मजबूत करना है। प्रस्तावित राशि का उपयोग पंचायती राज संस्थाओं के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें ग्राम पंचायतों को सबसे बड़ा हिस्सा मिलेगा। तय प्रावधान के तहत कुल फंड का 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों, 15 प्रतिशत प्रखंड स्तर की समितियों और शेष 10 प्रतिशत जिला परिषदों को आवंटित किया जाएगा।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पहली किस्त के रूप में 405.30 करोड़ रुपये की स्वीकृति पहले ही दी जा चुकी है, और अब इस पूरी राशि को जारी करने की अनुशंसा की गई है। इसके अलावा, पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 की रोकी गई किस्तों से जुड़ी बकाया राशि भी रिलीज करने का प्रस्ताव शामिल है। इसमें पहली और दूसरी किस्त के अंतर्गत 2.66-2.66 करोड़ रुपये की लंबित राशि शामिल है।

बताया गया है कि कुछ पंचायत स्तर की संस्थाओं द्वारा आवश्यक औपचारिकताएं समय पर पूरी नहीं किए जाने के कारण यह राशि पहले रोकी गई थी। अब प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद इन बकाया फंड को भी जारी करने की दिशा में कदम उठाए गए हैं।