छात्र अधिकार पदयात्रा का अंतिम चरण, JLKM नेता बोले-छात्रों की आवाज को मजबूत करेगी यह यात्रा

छात्र अधिकार पदयात्रा का अंतिम चरण, JLKM नेता बोले-छात्रों की आवाज को मजबूत करेगी यह यात्रा

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Dec 09, 2025, 3:04:00 PM

छात्र हितों और शिक्षा से जुड़े विषयों को लेकर आयोजित 6 दिवसीय छात्र अधिकार पदयात्रा आज अपने अंतिम चरण में पहुँच गई है। इस पदयात्रा की शुरुआत मंगलवार सुबह बूटी मोड़ से हुई, जिसकी अगुवाई जेएलकेएम नेता देवेंद्र नाथ महतो कर रहे हैं।

पदयात्रा की शुरुआत में बड़ी संख्या में छात्र, युवा प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और JLKM से जुड़े लोग मौजूद थे। सभी प्रतिभागियों ने हाथों में बैनर और नारे लिखी तख्तियां लेकर शिक्षा सुधार, रोजगार के अवसर और छात्र हितों के मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया।

मुख्य मार्गों से होते हुए विधानसभा पहुंचेगी पदयात्रा

आज की अंतिम चरण की यात्रा बूटी मोड़ से आगे बढ़ते हुए बरियातू, रेडियम रोड, रातू रोड, अरगोड़ा चौक, बिरसा चौक सहित शहर के प्रमुख इलाकों से गुजरी। पूरे मार्ग में प्रतिभागियों का उत्साह देखने लायक रहा। कई जगह स्थानीय नागरिकों ने भी पदयात्रा में शामिल होकर छात्रों के मुद्दों के समर्थन में अपनी आवाज उठाई।

इस दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों और युवाओं ने कहा कि शिक्षा का विकास केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी से संभव है। इस यात्रा का उद्देश्य छात्रों की समस्याओं और चुनौतियों को सरकार तक पहुंचाना और समाज में व्यापक जागरूकता पैदा करना है।

देवेंद्र नाथ महतो का संदेश: छात्रों की आवाज़ को मजबूत करना

पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि यह यात्रा सिर्फ एक प्रतीकात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि छात्रों की वास्तविक समस्याओं को उजागर करने वाला अभियान है। उन्होंने बताया कि आज भी कई छात्र आर्थिक, संरचनागत और नीतिगत कठिनाइयों से जूझ रहे हैं। इस पदयात्रा का मकसद सरकार और प्रशासन को यह संदेश देना है कि छात्रों के मुद्दों को अनदेखा नहीं किया जा सकता।

देवेंद्र महतो ने यह भी कहा कि यह यात्रा कई गांवों, कस्बों और शहरी इलाकों से गुजरते हुए छात्रों और युवाओं की भावनाओं को एकजुट करने का माध्यम बनी है। यात्रा के दौरान मिली प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट है कि समाज में छात्र हितों को लेकर गंभीरता बढ़ रही है।

विधानसभा परिसर में होगा समापन

जानकारी के अनुसार, इस पदयात्रा को पुराने विधानसभा तक का परमिशन प्राप्त है। छात्र अधिकारों को लेकर यह पहल फिलहाल राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है। उम्मीद जताई जा रही है कि इससे आने वाले दिनों में शिक्षा नीतियों पर गंभीर बहस और सुधार की दिशा में कदम उठाने की प्रेरणा मिलेगी।