अधर में लटका रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय प्रोजेक्ट, करोड़ों खर्च के बाद भी निर्माण अधूरा

अधर में लटका रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय प्रोजेक्ट, करोड़ों खर्च के बाद भी निर्माण अधूरा

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Mar 17, 2026, 11:22:00 AM

झारखंड में खूंटी जिले में प्रस्तावित रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय का स्थायी परिसर वर्षों से अधूरा पड़ा है। इस परियोजना की शुरुआत जून 2018 में हुई थी और इसे मई 2020 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया था। हालांकि तय समयसीमा के भीतर काम पूरा नहीं हो सका और अंततः निर्माण कार्य पहले धीमा पड़ा और फिर पूरी तरह बंद हो गया। स्थिति यह है कि अब तक इस परियोजना पर 12 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हो चुके हैं, लेकिन भवन अधूरा ही खड़ा है।

भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट में इस मामले को गंभीरता से उठाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, न केवल यह परियोजना बल्कि झारखंड भवन निर्माण निगम लिमिटेड की कई अन्य योजनाएं भी ठप पड़ी हैं। छह अलग-अलग परियोजनाओं में 13 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने के बावजूद काम आगे नहीं बढ़ पाया है। पिठौरिया के सुतियांबे पहाड़ से जुड़ी विकास योजना का उदाहरण देते हुए बताया गया है कि वहां निर्धारित समय सीमा तक बहुत कम प्रगति हुई, जबकि करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके थे।

रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय परियोजना के ठप होने के पीछे प्रशासनिक कारण भी सामने आए हैं। राज्य सरकार ने विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम और उसकी वास्तविक जरूरतों के पुनर्मूल्यांकन के निर्देश दिए थे। इसी प्रक्रिया के चलते निर्माण कार्य रोक दिया गया, ताकि भविष्य की आवश्यकताओं के अनुसार योजना को फिर से परखा जा सके। लेकिन विभागीय स्तर पर आगे कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं मिलने के कारण निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं हो सका। नतीजतन, कुल काम का एक छोटा हिस्सा ही पूरा हो पाया और परियोजना अधूरी रह गई।

ठेकेदार से जुड़े पहलुओं में भी अनियमितताएं सामने आई हैं। निर्माण एजेंसी ने अगस्त 2020 में आधे से अधिक काम पूरा करने का दावा करते हुए भुगतान की मांग की थी। निगम ने शर्त रखी थी कि शेष कार्य एक महीने में पूरा करना होगा, जिसके आधार पर भुगतान किया गया। हालांकि तय समय में काम पूरा नहीं हुआ, फिर भी इसके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।