ग्रामीण विकास विभाग से जुड़े कथित टेंडर घोटाला मामले में नामजद एग्जीक्यूटिव इंजीनियर राम पुकार राम ने शुक्रवार को रांची स्थित पीएमएलए (PMLA) की विशेष अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत में पेशी के बाद उन्हें सशर्त जमानत प्रदान कर दी गई। विशेष अदालत ने राम पुकार राम को एक लाख रुपये के निजी मुचलके पर राहत देते हुए कई शर्तें भी लगाई हैं। अदालत के निर्देशानुसार उन्हें अपना पासपोर्ट जमा करना होगा और बिना न्यायालय की अनुमति के देश से बाहर जाने की इजाजत नहीं होगी। इधर, इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई भी तेज हो गई है। एजेंसी ने हाल में प्रमोद कुमार समेत कुल 15 आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दाखिल किया है। अदालत ने चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए सभी आरोपियों को समन जारी कर उपस्थित होने का निर्देश दिया है। सूत्रों के अनुसार, पूरक आरोप पत्र दाखिल होने के बाद कई आरोपी अदालत पहुंचकर आत्मसमर्पण कर चुके हैं। इनमें से कुछ को न्यायालय से जमानत भी मिल चुकी है। मामले में धनशोधन और टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर जांच जारी है। ईडी इस पूरे प्रकरण में वित्तीय लेन-देन, टेंडर आवंटन प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। आने वाले दिनों में मामले में और कानूनी कार्रवाई होने की संभावना जताई जा रही है।