झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में उच्चाधिकारियों के साथ 18 से 26 जनवरी 2026 के बीच प्रस्तावित दावोस और यूनाइटेड किंगडम (लंदन) दौरे को लेकर व्यापक समीक्षा बैठक की। इस बैठक में अंतरराष्ट्रीय प्रवास से जुड़े सभी प्रशासनिक, नीतिगत और निवेश संबंधी पहलुओं पर गहन मंथन किया गया।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि उनके नेतृत्व में झारखंड का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल स्विट्जरलैंड के दावोस में होने वाली विश्व आर्थिक मंच (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम) की वार्षिक बैठक में हिस्सा लेगा। यह झारखंड के इतिहास में पहली बार होगा जब राज्य का कोई आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल इस प्रतिष्ठित वैश्विक मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा। सम्मेलन में दुनिया भर के दिग्गज निवेशक, उद्योग जगत के नेता और अंतरराष्ट्रीय हस्तियां शामिल होंगी, जिससे राज्य को वैश्विक पहचान मिलने की संभावना है।
दावोस में प्रस्तावित बैठकों और संवाद सत्रों के जरिए झारखंड की खनिज संपदा, औद्योगिक क्षमता, टिकाऊ विकास की नीतियां, पर्यटन की संभावनाएं और निवेश के अवसरों को अंतरराष्ट्रीय समुदाय के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि इससे जुड़ी विभागीय तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं।
दावोस कार्यक्रम के बाद प्रतिनिधिमंडल यूनाइटेड किंगडम की राजधानी लंदन का दौरा करेगा। लंदन प्रवास के दौरान शैक्षणिक संस्थानों, निवेश एजेंसियों और अन्य संस्थागत संगठनों के साथ सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा प्रस्तावित है। इसके अलावा नीति, ज्ञान-विनिमय और भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ संवाद भी इस दौरे का अहम हिस्सा होगा। लंदन में होने वाली बैठकों और कार्यक्रमों की रूपरेखा मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गई।
सरकार का मानना है कि यह अंतरराष्ट्रीय दौरा राज्य में नए निवेश को आकर्षित करने, औद्योगिक विकास को गति देने और रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में अहम साबित होगा। इस दौरान उद्योगपतियों, निवेशकों और संस्थागत प्रतिनिधियों के साथ होने वाली बातचीत से दीर्घकालिक साझेदारी के नए रास्ते खुलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस दौरे से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं आपसी समन्वय के साथ सुदृढ़ और प्रभावी ढंग से पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि झारखंड को एक मजबूत निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करना और बहुराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ सहयोग बढ़ाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि दावोस और लंदन का यह प्रस्तावित दौरा राज्य के विकास और निवेश के लिहाज से एक निर्णायक कदम साबित होगा।
बैठक में मंत्री सुदिव्य कुमार, विधायक कल्पना सोरेन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल, मंत्रिमंडल सचिव प्रशांत कुमार, उद्योग सचिव अरवा राजकमल, पर्यटन सचिव मनोज कुमार, आदिवासी कल्याण आयुक्त कुलदीप चौधरी, खान एवं भू-तत्व निदेशक राहुल सिन्हा, जियाडा के प्रबंध निदेशक वरुण रंजन, उद्योग निदेशक विशाल सागर, आईपीआरडी निदेशक राजीव लोचन बक्शी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री के इस निवेश-केन्द्रित अंतरराष्ट्रीय दौरे की जानकारी सबसे पहले स्वराज पोस्ट झारखंड द्वारा सामने लाई गई थी।