बार काउंसिल चुनाव में सस्पेंस बरकरार, अंतिम चार केंद्रों की गिनती से बदल सकता है समीकरण

बार काउंसिल चुनाव में सस्पेंस बरकरार, अंतिम चार केंद्रों की गिनती से बदल सकता है समीकरण

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Apr 03, 2026, 12:15:00 PM

झारखंड स्टेट बार काउंसिल के चुनाव की मतगणना अब अंतिम दौर में प्रवेश कर चुकी है, जहां परिणामों की तस्वीर लगभग साफ होती दिख रही है। कई दिनों से जारी गिनती के बाद राज्य के अधिकांश जिलों और प्रमुख अनुमंडलों के मतों का आकलन पूरा हो चुका है, जिससे कई प्रत्याशियों की स्थिति मजबूत या कमजोर होने के संकेत मिल रहे हैं। अब केवल चार केंद्रों के मतपत्रों की गिनती शेष रह गई है, जिन पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

अंतिम चरण में साहेबगंज, सिमडेगा, सरायकेला और तेनुघाट के वोट निर्णायक भूमिका निभाने वाले हैं। इन क्षेत्रों के परिणाम न सिर्फ उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे, बल्कि शीर्ष स्थानों की दौड़ को भी प्रभावित कर सकते हैं। चुनाव से जुड़े जानकारों का मानना है कि इन बचे हुए मतों का रुझान अब तक बने समीकरणों को बदलने की क्षमता रखता है।

अब तक सामने आए रुझानों में अनुभवी और स्थापित उम्मीदवारों ने अपनी पकड़ बनाए रखी है, जबकि कुछ नए चेहरे भी उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करते हुए प्रतिस्पर्धा को रोचक बना रहे हैं। खासतौर पर झारखंड हाईकोर्ट, रांची सिविल कोर्ट और धनबाद सिविल कोर्ट जैसे प्रमुख बार संघों के मतों ने परिणामों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इस चुनाव के जरिए काउंसिल के 25 सदस्यों का चयन होना है। मतगणना की प्रक्रिया वरीयता आधारित प्रणाली पर आधारित है, जिसमें प्रत्येक मत की अहमियत बढ़ जाती है और छोटे अंतर भी परिणामों को प्रभावित कर सकते हैं।

शेष मतों की गिनती पूरी होने के बाद प्रथम वरीयता के वोटों का समेकन किया जाएगा। यदि आवश्यक हुआ तो द्वितीय और तृतीय वरीयता के मतों का स्थानांतरण कर अंतिम सूची तैयार की जाएगी। वकीलों के बीच इस समय उत्सुकता चरम पर है और सभी की नजरें रांची स्थित मतगणना स्थल पर लगी हुई हैं। माना जा रहा है कि अगले एक से दो दिनों के भीतर चुनाव परिणाम आधिकारिक रूप से घोषित कर दिए जाएंगे, जिसके बाद नई बार काउंसिल राज्य में अधिवक्ताओं से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों की दिशा तय करेगी।