नेक्सजेन कंपनी से जुड़े कारोबारी विनय सिंह और उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह को मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से अहम राहत मिली। शीर्ष अदालत ने विनय सिंह को दो मामलों में नियमित जमानत प्रदान की, जबकि स्निग्धा सिंह को तीन मामलों में किसी भी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई से फिलहाल संरक्षण देते हुए ‘नो कोएर्सिव स्टेप्स’ का अंतरिम आदेश जारी किया।
सुनवाई के दौरान झारखंड सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने राज्य का पक्ष रखा। कोर्ट ने याचिकाकर्ता की रिट याचिका स्वीकार करते हुए अपीलकर्ताओं के पक्ष में आदेश पारित किया। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने यह चिंता भी व्यक्त की कि जमानत मिलने के बावजूद आरोपी के खिलाफ दो नए मामले दर्ज किए जाना गंभीर सवाल खड़ा करता है।
यह पूरा प्रकरण हजारीबाग के वन भूमि घोटाले से जुड़ा बताया जा रहा है। आरोप है कि विनय सिंह ने हजारीबाग में करीब 28 डिसमिल गैर-मजरुआ खास श्रेणी की जंगल झाड़ भूमि की खरीद की और कथित तौर पर कुछ सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से उस जमीन का गलत तरीके से म्यूटेशन भी करा लिया। इस संबंध में हजारीबाग एसीबी ने कांड संख्या 11/2025 दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जमीन से जुड़े इसी विवाद में विनय सिंह के खिलाफ एक अन्य मामला भी दर्ज किया गया है, जिसकी जांच एजेंसियां अलग से कर रही हैं।