झारखंड में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और रांची पुलिस के बीच विवाद से जुड़े मामले में अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ही जांच करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें CBI जांच के आदेश को चुनौती दी गई थी। शीर्ष अदालत के इस फैसले के बाद मामले की जांच का रास्ता साफ हो गया है।
यह पूरा विवाद पेयजल घोटाले के आरोपी संतोष कुमार की शिकायत से शुरू हुआ था। संतोष कुमार ने ED अधिकारियों पर कथित रूप से मारपीट का आरोप लगाते हुए एयरपोर्ट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद रांची पुलिस ने ED कार्यालय पहुंचकर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी थी, जिससे मामला और तूल पकड़ गया।
इस घटनाक्रम के बाद ED ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और मांग की कि आरोपी द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी की निष्पक्ष जांच CBI से कराई जाए। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने CBI को जांच की जिम्मेदारी सौंपने का आदेश दिया था।
हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी। इस याचिका पर न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति एन. कोटेश्वर सिंह की पीठ ने सुनवाई की। पहले इस मामले की सुनवाई 13 अप्रैल को तय की गई थी, लेकिन राज्य सरकार के आग्रह पर इसे टाल दिया गया था।
अंततः सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की दलीलों को स्वीकार नहीं किया और याचिका को खारिज कर दिया। इसके साथ ही यह स्पष्ट हो गया कि इस पूरे मामले की जांच अब CBI के हाथों में ही रहेगी।