आंगनबाड़ी केंद्रों में बदली पूरक पोषण योजना, हर आयु वर्ग के लिए तय हुआ अलग पोषण आहार

आंगनबाड़ी केंद्रों में बदली पूरक पोषण योजना, हर आयु वर्ग के लिए तय हुआ अलग पोषण आहार

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jan 06, 2026, 5:39:00 PM

राज्य के आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित केंद्र प्रायोजित पूरक पोषाहार योजना के तहत लाभार्थियों को अब नई और अधिक पोषक रेसिपी के अनुसार आहार उपलब्ध कराया जाएगा। इस बदलाव का उद्देश्य बच्चों, गर्भवती महिलाओं और किशोरियों में कुपोषण की समस्या को प्रभावी ढंग से कम करना है।

नई व्यवस्था के तहत शिशु आहार, पौष्टिक दलिया, शक्ति आहार, पौष्टिक आहार और नमकीन दलिया को पूरक पोषणाहार के रूप में शामिल किया गया है। योजना के अंतर्गत यह पोषण सामग्री टेक होम राशन (THR) के रूप में लाभार्थियों तक पहुंचाई जाएगी।

कुपोषित बच्चों के लिए विशेष शक्ति आहार

राज्य सरकार ने एक से तीन वर्ष आयु वर्ग के कुपोषित बच्चों के लिए विशेष रूप से शक्ति आहार तैयार करने की व्यवस्था की है। यह आहार उच्च गुणवत्ता वाले ताजे गेहूं, चना दाल और मूंगफली से निर्मित किया जाएगा। कच्चे माल को पूरी तरह से अशुद्धियों, कीट क्षति, फफूंद, अत्यधिक नमी और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक तत्वों से मुक्त रखा जाएगा।

निर्माण से पहले सभी सामग्री को धूल, पत्थर, धातु और अन्य बाहरी कणों से अच्छी तरह साफ किया जाएगा। इसके बाद इन्हें अलग-अलग टैंक या कंटेनरों में सुरक्षित रूप से संग्रहित कर पीसकर पाउडर और दानेदार रूप में तैयार किया जाएगा। शक्ति आहार की 170 ग्राम प्रतिदिन की मात्रा को दिन में दो से तीन बार देने की अनुशंसा की गई है।

आयु वर्ग के अनुसार तय किया गया आहार

नई गाइडलाइन के तहत अलग-अलग आयु और श्रेणी के लाभार्थियों के लिए पोषण आहार निर्धारित किया गया है—

  • 6 से 12 माह के बच्चे: मीठा दलिया

  • 6 से 12 माह के कुपोषित बच्चे: शिशु आहार

  • 1 से 3 वर्ष के बच्चे: पौष्टिक दलिया

  • 1 से 3 वर्ष के कुपोषित बच्चे: शक्ति आहार

  • 3 से 6 वर्ष के कुपोषित बच्चे: पौष्टिक आहार

  • गर्भवती महिलाएं: नमकीन दलिया

  • स्तनपान कराने वाली माताएं: नमकीन दलिया

  • किशोरियां: नमकीन दलिया

नई रेसिपी आधारित यह पोषण व्यवस्था न केवल आहार की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में कदम है, बल्कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुधार की रणनीति का भी अहम हिस्सा मानी जा रही है।