रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में JPSC-JSSC समेत विभिन्न मांगों को लेकर जारी छात्र आंदोलन 20वें दिन भी जारी रहा। अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर आंदोलनरत विद्यार्थियों ने अपनी मांगों को लेकर स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक पैदल मार्च किया। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं इस मार्च में शामिल हुए और पोस्टर-बैनर के जरिए सरकार के सामने अपनी मांगें रखीं।
मार्च के दौरान छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर नारेबाजी की। आंदोलनकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन बातचीत और आश्वासन के बावजूद उनकी प्रमुख मांगों पर अभी तक ठोस पहल नहीं हुई है।
छात्रों ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस युवाओं की आवाज और उनके अधिकारों को सामने रखने का अवसर है। ऐसे में सरकार को आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों की समस्याओं को गंभीरता से लेना चाहिए। उनका कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में भरोसा कायम करने के लिए पारदर्शी और निष्पक्ष कार्रवाई जरूरी है।
पैदल मार्च में शामिल विद्यार्थियों के हाथों में अलग-अलग मांगों से संबंधित पोस्टर और बैनर थे। छात्रों ने एकजुट होकर यह संदेश देने की कोशिश की कि आंदोलन को लेकर उनकी प्रतिबद्धता बनी हुई है और वे अपनी मांगों से पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं।
JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच से जुड़े जीवन कुमार ने कहा कि छात्रों की सबसे प्रमुख मांगों में परीक्षा संबंधी मामलों की CBI जांच शामिल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मुद्दे पर आंदोलनकारी किसी वैकल्पिक जांच व्यवस्था को स्वीकार करने के पक्ष में नहीं हैं।
जीवन कुमार के मुताबिक, छात्रों का आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित नहीं है। उनका कहना है कि विद्यार्थी भर्ती परीक्षाओं में निष्पक्षता, पारदर्शिता और अपने भविष्य की सुरक्षा को लेकर आवाज उठा रहे हैं। उनके अनुसार, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होने पर ही छात्रों के बीच पैदा हुए संदेह दूर हो सकते हैं और वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।
उन्होंने कहा कि जब तक सरकार छात्रों की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा। खास तौर पर CBI जांच की मांग से पीछे हटने का सवाल ही नहीं है।
स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक निकाले गए मार्च के जरिए छात्रों ने एक बार फिर अपनी एकजुटता और मांगों को सार्वजनिक रूप से सामने रखा। आंदोलनकारियों का कहना है कि कई दिनों से चल रहे प्रदर्शन के बावजूद समाधान नहीं निकलने के कारण उन्हें आंदोलन आगे बढ़ाना पड़ रहा है।
अब सभी की नजर सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच होने वाली अगली बातचीत पर है। खास तौर पर यह देखना अहम होगा कि JPSC-JSSC से जुड़े विवादों में CBI जांच की मांग को लेकर सरकार का रुख क्या रहता है और क्या इस मुद्दे पर आंदोलनरत छात्रों के साथ कोई सहमति बन पाती है।