झारखंड सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से दो अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग द्वारा जारी आदेश में भ्रष्टाचार और कर्तव्यहीनता के मामलों को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की पुष्टि की गई है।
हजारीबाग में सामने आए चर्चित भूमि घोटाले के मामले में तत्कालीन अंचल अधिकारी शैलेश कुमार को निलंबित कर दिया गया है। जांच एजेंसी एसीबी की पड़ताल में उनकी संलिप्तता उजागर होने के बाद उन्हें गिरफ्तार भी किया जा चुका है। विभागीय आदेश के अनुसार, उनका निलंबन 15 अक्टूबर 2025 से प्रभावी माना गया है। फिलहाल वह न्यायिक हिरासत में हैं और निलंबन अवधि के दौरान उनके लिए अलग से मुख्यालय भी निर्धारित किया गया है।
वहीं, जामताड़ा में पदस्थापित भूमि सुधार उप समाहर्ता प्रभात कुमार के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई की गई है। उन पर आरोप था कि उन्होंने अपने नियुक्त पद पर कार्यभार ग्रहण नहीं किया, जिसे सरकारी निर्देशों की अनदेखी और कर्तव्य में लापरवाही माना गया। मामले की जांच पूरी होने के बाद उन्हें ‘निंदन’ की सजा दी गई है। यह दंड उनके सेवा रिकॉर्ड में नकारात्मक टिप्पणी के रूप में दर्ज रहेगा।