‘स्लाइडिंग सिस्टम’ लागू करने की तैयारी में SSC, आधार सत्यापन के बाद मिलेगा स्टेबल-अनस्टेबल विकल्प

‘स्लाइडिंग सिस्टम’ लागू करने की तैयारी में SSC, आधार सत्यापन के बाद मिलेगा स्टेबल-अनस्टेबल विकल्प

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Mar 06, 2026, 5:17:00 PM

कर्मचारी चयन आयोग (SSC) भर्ती प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने और चयन के बाद भी खाली रह जाने वाले पदों की समस्या को कम करने के लिए एक नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है। आयोग ने इसके लिए “स्लाइडिंग व्यवस्था” शुरू करने का प्रस्ताव रखा है। इस प्रणाली का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विभिन्न परीक्षाओं के माध्यम से चयनित अभ्यर्थियों के बावजूद जो पद खाली रह जाते हैं, उन्हें भी भरा जा सके।

आयोग के अनुसार, कई बार परीक्षाओं के बाद बड़ी संख्या में पद इसलिए रिक्त रह जाते हैं क्योंकि कुछ उम्मीदवार चयन के बावजूद ज्वाइन नहीं करते या परीक्षा में अनुपस्थित रहते हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए स्लाइडिंग व्यवस्था लागू करने की योजना बनाई जा रही है, जिससे रिक्त पदों की संख्या घटेगी और योग्य उम्मीदवारों को बेहतर अवसर मिल सकेंगे।

नई व्यवस्था के तहत भर्ती प्रक्रिया के पहले चरण में जिन अभ्यर्थियों को अस्थायी रूप से पद आवंटित किया जाएगा, उन्हें इसकी पुष्टि के लिए SSC के क्षेत्रीय निदेशक कार्यालय में उपस्थित होना होगा। वहां आधार कार्ड के माध्यम से पहचान सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद उम्मीदवारों को दो विकल्प; स्थिर (स्टेबल) और अस्थिर (अनस्टेबल) में से एक चुनना होगा।

स्थिर विकल्प का अर्थ यह होगा कि अभ्यर्थी पहले चरण में मिले अस्थायी पद को अंतिम रूप से स्वीकार कर लेगा और आगे किसी उच्च वरीयता वाले पद के लिए अपग्रेडेशन की मांग नहीं करेगा।

दूसरी ओर, अस्थिर विकल्प चुनने वाले उम्मीदवारों को यह अवसर मिलेगा कि यदि उनकी प्राथमिकता सूची में ऊपर का कोई पद बाद में खाली होता है, तो उन्हें उस पद पर स्थानांतरित किया जा सकता है।

आयोग का मानना है कि इस नई प्रणाली के लागू होने से भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनेगी, साथ ही लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरना भी आसान हो जाएगा।