झारखंड में खेल अवसंरचना को मिलेगी मजबूती, उत्कृष्टता केंद्रों के लिए 53 पदों पर होगी जल्द नियुक्ति

झारखंड में खेल अवसंरचना को मिलेगी मजबूती, उत्कृष्टता केंद्रों के लिए 53 पदों पर होगी जल्द नियुक्ति

राज्य में खेलों के समग्र विकास को गति देने और उभरते खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में झारखंड सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। झारखंड खेल प्राधिकरण ने कला, संस्कृति, खेल एवं युवा कार्य विभाग के मार्गदर्शन में प्रदेश के विभिन्न जिलों में संचालित उत्कृष्टता केंद्रों (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) के लिए कुल 53 पदों पर नियुक्ति का विज्ञापन जारी किया है।

सरकार का उद्देश्य पारदर्शी और मेरिट आधारित चयन प्रक्रिया के माध्यम से योग्य मानव संसाधन की बहाली करना है, ताकि झारखंड की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का सशक्त आधार मिल सके।

यह पहल राज्य सरकार की दीर्घकालिक सोच और खेल क्षेत्र के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उत्कृष्टता केंद्रों को मजबूत मानव संसाधन से लैस कर खिलाड़ियों को वैज्ञानिक प्रशिक्षण, आधुनिक कोचिंग और समग्र सहयोग प्रणाली उपलब्ध कराने की योजना है, जिससे उनका प्रदर्शन निरंतर बेहतर हो सके।

भर्ती प्रक्रिया के तहत तकनीकी, कोचिंग और सहायक श्रेणियों के विभिन्न पद शामिल हैं। इनमें 8 हेड कोच, 9 कोच और 5 सहायक कोच (एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी और कुश्ती के लिए), 7 फिजियोथेरेपिस्ट, 4 न्यूट्रिशनिस्ट, 9 मसाजर और 11 वार्डन के पद शामिल हैं। इन पदों का उद्देश्य प्रत्येक उत्कृष्टता केंद्र में प्रशिक्षित और अनुभवी स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

इस व्यवस्था से खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के साथ-साथ चोट से बचाव, शीघ्र रिकवरी, संतुलित पोषण और अनुशासित आवासीय देखरेख जैसी सुविधाएं एक ही परिसर में मिल सकेंगी।

पिछले कुछ वर्षों में झारखंड सरकार ने खेल अवसंरचना के विस्तार, प्रतिभा पहचान और खिलाड़ियों के कल्याण पर विशेष ध्यान दिया है। राज्य भर में उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना और उन्हें सशक्त बनाने की पहल झारखंड को देश के प्रमुख खेल केंद्रों में शामिल करने की दिशा में उठाया गया ठोस कदम मानी जा रही है।

यह भर्ती न केवल उत्कृष्टता केंद्रों की कार्यक्षमता को बढ़ाएगी, बल्कि प्रशिक्षित खेल पेशेवरों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगी, जिससे युवा सशक्तिकरण और खेल आधारित विकास को भी बल मिलेगा।