वित्तीय वर्ष के आखिरी चरण में खर्च की रफ्तार तेज, झारखंड के कोषागारों में बिल पास करने की होड़

वित्तीय वर्ष के आखिरी चरण में खर्च की रफ्तार तेज, झारखंड के कोषागारों में बिल पास करने की होड़

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Mar 28, 2026, 10:20:00 AM

वित्तीय वर्ष 2025-26 के समापन में महज कुछ दिन शेष रह जाने के बीच झारखंड में सरकारी खर्च की गति अचानक तेज हो गई है। शेष राशि के समय पर उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने शनिवार, 28 मार्च को भी कोषागार खुले रखने का निर्देश दिया, जिसके बाद विभिन्न जिलों में बिलों के निपटान की प्रक्रिया तेज हो गई है।

राज्य भर के कोषागारों में अब तक कुल 2,41,068 बिलों को स्वीकृति दी जा चुकी है। इनमें सबसे अधिक वित्तीय गतिविधि डोरंडा कोषागार में देखी गई, जहां 19,234 बिलों के माध्यम से लगभग 10,879 करोड़ रुपये का भुगतान स्वीकृत हुआ। वहीं, प्रोजेक्ट भवन कोषागार से 11,607 बिलों के जरिए 10,271 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी की गई।

अन्य जिलों की बात करें तो रांची कोषागार ने करीब 55.60 अरब रुपये के 19,943 बिलों को मंजूरी दी, जबकि धनबाद और गिरिडीह में भी 20 अरब रुपये से अधिक के बिल पारित हुए। पलामू, दुमका, हजारीबाग और जमशेदपुर जैसे जिलों में भी बड़ी संख्या में बिलों का निपटारा हुआ, जो राज्य में खर्च की तेज रफ्तार को दर्शाता है।

छोटे जिलों और उप-कोषागारों में भी गतिविधि कम नहीं रही। खूंटी, गुमला, देवघर और गोड्डा में हजारों बिलों को मंजूरी दी गई, जबकि महेशपुर, मधुपुर और राजमहल जैसे अपेक्षाकृत छोटे केंद्रों में भी नियमित रूप से भुगतान प्रक्रिया जारी रही।

सरकार के इस कदम का उद्देश्य वित्तीय वर्ष के अंत से पहले बजट आवंटन का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना है। आम तौर पर वर्ष के अंतिम दिनों में विभागों द्वारा लंबित भुगतान को तेजी से निपटाया जाता है, ताकि आवंटित राशि वापस न जाए और विकास कार्यों पर असर न पड़े।