SAP में कार्यरत पूर्व सैनिकों को झटका, अनुबंध अवधि से आगे सेवा का अधिकार नहीं

SAP में कार्यरत पूर्व सैनिकों को झटका, अनुबंध अवधि से आगे सेवा का अधिकार नहीं

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Dec 23, 2025, 11:05:00 AM

झारखंड हाईकोर्ट ने स्पेशल ऑक्सिलरी पुलिस फोर्स (SAP) में अनुबंध के आधार पर नियुक्त पूर्व सैनिकों के सेवा विस्तार को लेकर अहम निर्णय सुनाया है। अदालत ने साफ कर दिया है कि संविदा पर बहाल पूर्व सैनिक निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद नौकरी जारी रखने या नियमित सरकारी कर्मचारियों की तरह सेवानिवृत्ति आयु तक सेवा का दावा नहीं कर सकते।

इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस आनंदा सेन की एकल पीठ ने की। अदालत ने अपने फैसले में SAP के गठन से जुड़ी सरकारी योजना का हवाला देते हुए कहा कि यह बल 7 जून 2008 को एक विशेष स्कीम के तहत गठित किया गया था। योजना के क्लॉज-3 में स्पष्ट प्रावधान है कि नियुक्ति पहले दो वर्षों के लिए होगी, जिसे अधिकतम पांच साल तक बढ़ाया जा सकता है। इस तरह कुल सेवा अवधि सात वर्ष से अधिक नहीं हो सकती।

कोर्ट ने दो टूक शब्दों में कहा कि जब किसी योजना में सेवानिवृत्ति की आयु तय ही नहीं की गई है और केवल कार्यकाल निर्धारित है, तो ऐसे कर्मी नियमित सरकारी कर्मचारियों के समान अधिकारों की मांग नहीं कर सकते। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि योजना में किसी प्रकार का बदलाव केवल आधिकारिक संशोधन के जरिए ही संभव है, न कि विभागीय पत्राचार या सिफारिशों के आधार पर।

मामले में याचिकाकर्ता पूर्व सैनिकों ने दलील दी थी कि उनकी सेवा अवधि को अन्य सरकारी कर्मचारियों के बराबर माना जाए। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि विभाग ने कुछ कर्मियों को 15 साल तक सेवा में बनाए रखा, जबकि अन्य को सात साल पूरे होते ही हटा दिया गया। याचिकाकर्ताओं ने आंतरिक पत्राचार और सिफारिशों को आधार बनाकर सेवा विस्तार की मांग की थी।

हालांकि, हाईकोर्ट ने इन सभी तर्कों को अस्वीकार करते हुए कहा कि संविदा नियुक्ति की शर्तें योजना में स्पष्ट रूप से दर्ज हैं और उनसे इतर कोई अधिकार स्वतः उत्पन्न नहीं होता।