ITC विवाद में टाटा स्टील को झटका, झारखंड हाईकोर्ट ने रिट याचिका सुनने से किया इनकार

ITC विवाद में टाटा स्टील को झटका, झारखंड हाईकोर्ट ने रिट याचिका सुनने से किया इनकार

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Apr 28, 2026, 11:40:00 AM

झारखंड हाईकोर्ट ने टाटा स्टील लिमिटेड को बड़ा झटका देते हुए इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) से जुड़े एक जीएसटी विवाद में उसकी रिट याचिका पर सुनवाई से इंकार कर दिया है। कंपनी ने कथित तौर पर आईटीसी के गलत इस्तेमाल को लेकर पारित अधिनिर्णय आदेश को चुनौती दी थी, लेकिन अदालत ने स्पष्ट कर दिया कि इस मामले में हस्तक्षेप का कोई असाधारण आधार प्रस्तुत नहीं किया गया है।

मुख्य न्यायाधीश एम. एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने अपने फैसले में कहा कि कर मामलों में हाईकोर्ट की भूमिका सीमित होती है और इसे अपीलीय मंच के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। अदालत ने जोर देकर कहा कि रिट अधिकार क्षेत्र का उपयोग केवल न्यायिक समीक्षा तक सीमित है, न कि तथ्यों की दोबारा जांच या साक्ष्यों के पुनर्मूल्यांकन के लिए।

पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि विवादित मुद्दों के निपटारे के लिए विस्तृत तथ्यात्मक विश्लेषण की आवश्यकता होती है, जो रिट याचिका के दायरे में नहीं आता। ऐसे मामलों में संबंधित वैधानिक अपीलीय प्रक्रिया ही उचित माध्यम है।

यह मामला केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (CGST) अधिनियम की धारा 74 के तहत 26 दिसंबर को जारी आदेश के बाद सामने आया था। यह प्रावधान उन स्थितियों में लागू होता है जहां धोखाधड़ी, जानबूझकर गलत जानकारी देने या तथ्यों को छिपाने के आरोप हों। टाटा स्टील ने दलील दी थी कि उसके मामले में ऐसे कोई तत्व मौजूद नहीं थे, इसलिए कार्रवाई अधिकार क्षेत्र से परे है। साथ ही, कंपनी ने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के उल्लंघन का भी हवाला दिया।

हालांकि, हाईकोर्ट ने इन दलीलों को इस स्तर पर स्वीकार नहीं किया और कंपनी को वैकल्पिक उपाय अपनाने की सलाह दी। अदालत ने टाटा स्टील को चार सप्ताह के भीतर संबंधित अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष अपील दायर करने की अनुमति दी है। साथ ही यह भी निर्देश दिया कि यदि निर्धारित अवधि में अपील दायर की जाती है, तो उसे केवल देरी के आधार पर खारिज नहीं किया जाएगा, बल्कि मामले के गुण-दोष के आधार पर सुनवाई होगी।