साइबर अपराध के लिए चर्चित जामताड़ा में पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जो खुद को बैंक अधिकारी बताकर लोगों के बैंक खातों से रकम उड़ाने का काम करता था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 4.04 लाख रुपये से अधिक नकद, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और बैंक से जुड़े कई दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में साइबर डीएसपी अमित रविदास ने बताया कि गुप्त सूचना मिलने के बाद साइबर थाना की टीम ने रमजानी मोड़ से लगभग एक किलोमीटर दूर स्थित कुरुआ हटिया इलाके में छापेमारी की। इस अभियान में मार्गोमुंडा थाना क्षेत्र के पंचरुखी गांव निवासी 30 वर्षीय नसरुद्दीन अंसारी को गिरफ्तार किया गया।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह फोन पर खुद को भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का कर्मचारी बताकर लोगों से संपर्क करता था। वह उन्हें क्रेडिट कार्ड बंद होने या नया कार्ड जारी करने का बहाना बनाकर विश्वास में लेता था। इसके बाद पीड़ितों से एक एपीके (APK) फाइल डाउनलोड और इंस्टॉल करवाई जाती थी। फाइल इंस्टॉल होते ही मोबाइल और बैंकिंग से जुड़ी संवेदनशील जानकारी आरोपी के पास पहुंच जाती थी, जिसका इस्तेमाल कर वह खातों से अवैध रूप से पैसे निकाल लेता था।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से 4 लाख 4 हजार 500 रुपये नकद बरामद किए। इसके अलावा दो मोबाइल फोन, तीन सिम कार्ड, दो बैंक पासबुक और एक आधार कार्ड भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि बरामद नकदी साइबर ठगी के जरिए हासिल की गई थी। अब जांच इस दिशा में भी की जा रही है कि यह रकम किसी संगठित गिरोह तक पहुंचाई जानी थी या अलग-अलग वारदातों से इकट्ठा की गई थी।
मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) और दूरसंचार अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस साइबर गिरोह के अन्य सदस्यों पर भी जल्द कार्रवाई की जा सकती है।
जामताड़ा से संतोष कुमार रिपोर्ट