झारखंड सरकार ने सचिवालय लिपिकीय सेवा के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए नई औपबंधिक वरीयता सूची (सीनियरिटी लिस्ट) प्रकाशित कर दी है। इस सूची में वर्ष 2024 तक नियुक्त, समायोजित तथा पदोन्नत हुए वरीय सचिवालय सहायकों और कनीय सचिवालय सहायकों का विवरण शामिल किया गया है। कार्मिक विभाग ने कहा है कि यदि किसी कर्मचारी को सूची में दर्ज जानकारी या वरिष्ठता को लेकर कोई आपत्ति है, तो वह आदेश जारी होने की तिथि से सात दिनों के भीतर आवश्यक प्रमाणों के साथ अपना दावा प्रस्तुत कर सकता है।
कार्मिक विभाग के अनुसार, इससे पहले सचिवालय लिपिकीय सेवा की औपबंधिक वरीयता सूची वर्ष 2019 में प्रकाशित की गई थी। इसके बाद बीते वर्षों में नई नियुक्तियां, कर्मचारियों का समायोजन, पदोन्नतियां और कई अधिकारियों-कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने जैसी प्रशासनिक प्रक्रियाएं हुईं। इन्हीं बदलावों को ध्यान में रखते हुए वरिष्ठता सूची को अद्यतन किया गया है, ताकि भविष्य की प्रशासनिक कार्रवाई निर्धारित नियमों के अनुरूप की जा सके।
उप सचिव ब्रज माधव के हस्ताक्षर से जारी आदेश के तहत सभी विभागों, विभागाध्यक्षों, प्रमंडलीय आयुक्तों तथा महाधिवक्ता कार्यालय को निर्देश दिया गया है कि वे इस सूची को संबंधित कर्मचारियों तक शीघ्र पहुंचाएं। औपबंधिक वरीयता सूची विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध करा दी गई है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि 20 जुलाई से सात दिनों के भीतर प्राप्त होने वाले दावों और आपत्तियों पर ही विचार किया जाएगा। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कर्मचारियों से प्राप्त आपत्तियों की जांच कर अपनी स्पष्ट अनुशंसा और उपलब्ध दस्तावेजों के साथ कार्मिक विभाग को भेजें, ताकि अंतिम वरीयता सूची त्रुटिरहित ढंग से जारी की जा सके।
नई सूची में प्रत्यक्ष भर्ती, सीमित प्रतियोगिता परीक्षा और अनुकंपा के आधार पर नियुक्त कर्मचारियों को शामिल किया गया है। प्रत्येक कर्मचारी के संबंध में नाम, वर्तमान विभाग, जन्म तिथि, सेवानिवृत्ति की संभावित तिथि, योगदान एवं संपुष्टि की तिथि, आरक्षण श्रेणी, शैक्षणिक योग्यता और नियुक्ति के माध्यम जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज की गई हैं।
सरकार का मानना है कि अंतिम वरिष्ठता सूची प्रकाशित होने के बाद सचिवालय लिपिकीय सेवा में पदोन्नति, सेवा संबंधी दावों के निपटारे और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और तेज गति से पूरा किया जा सकेगा।