रांची में घरेलू रसोई गैस की कमी की खबरों के बीच जिला प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि शहर में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है और लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन और गैस कंपनियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही गैस बुकिंग करें।
इस मुद्दे पर जिला उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अध्यक्षता में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में कंपनियों ने जानकारी दी कि हाल के दिनों में अचानक बड़ी संख्या में सिलेंडर बुकिंग होने के कारण ऑनलाइन सिस्टम पर दबाव बढ़ गया था। फिलहाल तकनीकी प्रणाली को अपडेट किया जा रहा है और जल्द ही बुकिंग प्रक्रिया सामान्य हो जाएगी।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ग्राहकों को गैस एजेंसियों के कार्यालयों में जाने की जरूरत नहीं है। नई व्यवस्था के तहत एक सिलेंडर बुक कराने के बाद दूसरा सिलेंडर 25 दिन के अंतराल के बाद ही बुक किया जा सकेगा, जिससे सभी उपभोक्ताओं तक गैस की समान रूप से उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
गैस कंपनियों ने लोगों से आग्रह किया है कि वे एजेंसियों के बाहर भीड़ लगाने के बजाय डिजिटल विकल्पों का उपयोग करें। ग्राहक IVR कॉल, मिस्ड कॉल सेवा, मोबाइल ऐप या आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से घर बैठे आसानी से एलपीजी सिलेंडर बुक कर सकते हैं।
आपात स्थिति को ध्यान में रखते हुए 2 लीटर और 5 लीटर क्षमता के छोटे एलपीजी सिलेंडर भी बाजार में उपलब्ध हैं। विशेष रूप से HPCL और BPCL के 5 किलो के सिलेंडर उपभोक्ता आधार कार्ड दिखाकर प्राप्त कर सकते हैं।
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने गैस एजेंसियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू है और इसके तहत सभी उपभोक्ताओं को गैस की समान आपूर्ति सुनिश्चित करना एजेंसियों की जिम्मेदारी है। यदि किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
गैस वितरण व्यवस्था की निगरानी के लिए जिला स्तर पर एक मॉनिटरिंग कमेटी गठित करने का भी निर्णय लिया गया है। इस समिति में रांची और बुंडू के अनुमंडल पदाधिकारी, मार्केटिंग अधिकारी, गैस कंपनियों और एजेंसियों के नोडल प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसके अलावा अस्पतालों और अन्य संस्थानों के प्रतिनिधियों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
प्रशासन ने विशेष रूप से अस्पतालों, आंगनबाड़ी केंद्रों, वृद्धाश्रमों, अनाथालयों, छात्रावासों, जेलों और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों जैसे संस्थानों में एलपीजी की नियमित आपूर्ति बनाए रखने पर जोर दिया है।
डीसी मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि वर्तमान स्थिति में सभी संबंधित पक्षों को समन्वय के साथ काम करना होगा ताकि शहर के हर घर की रसोई सुचारू रूप से चलती रहे और आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।