झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के आठवें दिन स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर सदन में तीखी बहस देखने को मिली। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन के मुद्दे पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से जवाब तलब किया।
विधायक चंद्रदेव महतो ने शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज, धनबाद का मामला उठाते हुए आरोप लगाया कि वहां बायोमेडिकल कचरे का समुचित निस्तारण नहीं हो रहा है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि कचरा उठाने वाली एजेंसी इतनी प्रभावशाली है कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन उसके खिलाफ कार्रवाई करने की स्थिति में नहीं है।
इस पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने सदन को बताया कि राज्य में वर्तमान में धनबाद, रामगढ़, लोहरदगा, आदित्यपुर, पाकुड़ और दुमका में छह बायोमेडिकल वेस्ट प्लांट संचालित हैं और अन्य जिलों से भी कचरा नियमित रूप से उठाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि अस्पतालों को स्वच्छ और संक्रमणमुक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठा रही है। मंत्री ने जानकारी दी कि सभी सदर अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में माइक्रो-वेस्ट प्लांट स्थापित करने की योजना पर काम चल रहा है और इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिया गया है।
इस दौरान मथुरा महतो ने सुझाव दिया कि धनबाद मेडिकल कॉलेज के रखरखाव और कचरा प्रबंधन की निगरानी के लिए एक समिति गठित की जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित एजेंसी कचरा उठाने में लापरवाही बरत रही है।
मंत्री ने आश्वासन दिया कि उठाए गए आरोपों की जांच कराई जाएगी और यदि अनियमितता पाई गई तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।