रांची रेल मंडल में रेलवे सुरक्षा बल ने मादक पदार्थों की तस्करी और मानव तस्करी के खिलाफ एक साथ कई बड़ी कार्रवाइयाँ करते हुए 16 किलोग्राम गांजा जब्त किया और चार नाबालिगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। यह अभियान कमांडेंट पवन कुमार के नेतृत्व में रांची, हटिया पोस्ट, फ्लाइंग स्क्वॉड और डीएनएफटी टीम की संयुक्त कार्रवाई के तहत चलाया गया।
‘ऑपरेशन नार्कोस’ में नशा तस्करी का भंडाफोड़
रांची रेलवे स्टेशन पर विशेष जांच के दौरान 18309 एक्सप्रेस के एस-7 कोच में एक यात्री के पास संदिग्ध बैग मिला। पूछताछ में उसकी पहचान ओडिशा के सुंदरगढ़ निवासी मोहन सिंह (41) के रूप में हुई। तलाशी लेने पर उसके बैग से गांजा बरामद हुआ।
उसके बयान के आधार पर उसी कोच की सीट संख्या 64 पर बैठे गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) के राहुल पांडेय (32) की जांच की गई, जिसके पास से भी नशीला पदार्थ मिला। दोनों के पास से कुल आठ पैकेट गांजा बरामद हुआ, जिनका वजन 16 किलो और अनुमानित कीमत लगभग आठ लाख रुपये बताई गई है।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे ओडिशा से गांजा लाकर उत्तर प्रदेश में बेचने की योजना में थे। एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया गया और बरामद माल के साथ जीआरपी को सौंप दिया गया।
‘ऑपरेशन AAHT’ में मानव तस्करी का प्रयास विफल
24–25 फरवरी की रात झारखंड संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के आगमन पर आरपीएफ ने विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान एक महिला दो नाबालिग लड़कियों के साथ संदिग्ध स्थिति में मिली। पूछताछ में महिला ने अपना नाम रेशमा देवी (40), निवासी दिल्ली बताया, जबकि दोनों लड़कियां सिमडेगा की रहने वाली निकलीं।
जांच में सामने आया कि महिला उन्हें घरेलू काम दिलाने के नाम पर दिल्ली ले जा रही थी और तय वेतन में से कमीशन लेने वाली थी। यह भी पता चला कि महिला के खिलाफ पहले से गंभीर धाराओं में मामला दर्ज है। उसे गिरफ्तार कर एएचटीयू थाना के हवाले किया गया, जबकि दोनों नाबालिगों को बाल संरक्षण के तहत सुरक्षित आश्रय गृह भेज दिया गया।
‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ में दो बालकों को संरक्षण
हटिया स्टेशन पर चलाए गए अभियान में प्लेटफॉर्म संख्या 1 पर दो नाबालिग लड़के संदिग्ध अवस्था में मिले। दोनों ने पूछताछ में बताया कि वे चतरा से घर छोड़कर बेंगलुरु काम की तलाश में जा रहे थे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए चाइल्डलाइन को सूचना देकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई और बच्चों को परामर्श व संरक्षण के लिए सौंप दिया गया।