झारखंड में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल के बीच सामाजिक कार्यकर्ता और झारखंड उलगुलान मोर्चा से जुड़े रवि कुमार यादव उर्फ रवि पीटर ने सबसे पहले नामांकन पत्र खरीदकर अपनी दावेदारी दर्ज कराई है। पलामू मूल के रवि पीटर वर्तमान में रांची के कुसई कॉलोनी में रहते हैं और लंबे समय से सामाजिक तथा जनसरोकार के मुद्दों पर सक्रिय हैं। वह आजसू (बेसरा) के केंद्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।
नामांकन पत्र लेने के बाद उन्होंने चुनावी रणनीति और अपनी उम्मीदवारी को लेकर विस्तार से बात की। राज्यसभा चुनाव में नामांकन के लिए आवश्यक विधायकों के समर्थन के सवाल पर रवि पीटर ने विश्वास जताया कि उन्हें पर्याप्त सहयोग मिल जाएगा। उनके अनुसार, कई जनप्रतिनिधियों से उनकी बातचीत हो चुकी है और उन्होंने विभिन्न विधायकों से प्रस्तावक के रूप में समर्थन देने का अनुरोध किया है।
रवि पीटर का कहना है कि वह वर्षों से जल, जंगल और जमीन से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं। इसी आधार पर उन्होंने विधायकों से अपील की है कि वे आर्थिक रूप से मजबूत उम्मीदवारों के बजाय जनसंघर्ष से निकले प्रतिनिधि को मौका देने पर विचार करें। उनका दावा है कि आवश्यक संख्या में समर्थन जुटाने की दिशा में सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि उनका प्रयास केवल चुनाव लड़ने तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्यसभा चुनाव की पारंपरिक राजनीति को चुनौती देने का भी है। उनके मुताबिक, झारखंड की राजनीति में आम लोगों के मुद्दों को केंद्र में लाने और जनआंदोलनों से जुड़े चेहरों को अवसर दिलाने की आवश्यकता है।
राजनीतिक संपर्कों को लेकर पूछे गए सवाल पर रवि पीटर ने बताया कि उन्होंने विभिन्न दलों के नेताओं से संवाद स्थापित किया है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस सिलसिले में भाजपा कार्यालय का दौरा किया गया था, जबकि अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं और विधायकों से भी बातचीत जारी है।
रवि पीटर ने स्पष्ट किया कि उनके पास बड़े संसाधन नहीं हैं और न ही वह चुनावी राजनीति में धनबल की भूमिका को उचित मानते हैं। उनका कहना है कि उनकी उम्मीदवारी का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों और जनता के बीच यह संदेश पहुंचाना है कि सामाजिक संघर्षों से निकले लोगों को भी लोकतांत्रिक संस्थाओं में प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उनके अनुसार, यदि ऐसे उम्मीदवारों को समर्थन मिलता है तो राज्य की राजनीति में नई दिशा और बदलाव की संभावनाएं मजबूत हो सकती हैं।