रांचीवासियों को ट्रैफिक की किचकिच से मिलेगा छुटकारा, करमटोली–चिरौंदी फ्लाईओवर को मुख्यमंत्री की हरी झंडी

रांचीवासियों को ट्रैफिक की किचकिच से मिलेगा छुटकारा, करमटोली–चिरौंदी फ्लाईओवर को मुख्यमंत्री की हरी झंडी

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Dec 13, 2025, 1:26:00 PM

राजधानी रांची में बढ़ते वाहनों और सड़कों की सीमित चौड़ाई के चलते यातायात व्यवस्था लगातार दबाव में है। करमटोली से साइंस सिटी होते हुए चिरौंदी तक का इलाका जाम का बड़ा केंद्र बन चुका है, जहां रिंग रोड के चालू होने के बाद ट्रैफिक का बोझ और बढ़ गया है। इसी चुनौती से निपटने के लिए राज्य सरकार ने इस मार्ग पर एक नए फ्लाईओवर के निर्माण का फैसला किया है, जिसे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वीकृति दे दी है।

3.216 किलोमीटर लंबा होगा फ्लाईओवर

प्रस्तावित परियोजना के तहत करमटोली से शुरू होकर साइंस सिटी होते हुए चिरौंदी चौक तक करीब 3.216 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर बनाया जाएगा। इसके अलावा मोरहाबादी क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए 516 मीटर का एक अतिरिक्त लिंक रोड भी तैयार किया जाएगा। इस योजना का मकसद शहर के प्रमुख और अत्यधिक व्यस्त चौराहों पर ट्रैफिक के स्थायी समाधान की दिशा में कदम बढ़ाना है।

इन क्षेत्रों को मिलेगी सीधी राहत

फ्लाईओवर के निर्माण से अल्बर्ट चौक, दिव्यायन चौक, साइंस सिटी और चिरौंदी चौक जैसे इलाकों में वाहनों की भीड़ कम होने की उम्मीद है। खासतौर पर रामगढ़ और हजारीबाग की ओर से आने-जाने वाले वाहनों को सुगम मार्ग मिलेगा। साथ ही रिंग रोड और एनएच-20 से बेहतर जुड़ाव होने से शहर के ट्रैफिक प्रबंधन में उल्लेखनीय सुधार आएगा।

डीपीआर पर पहले ही मिल चुके थे निर्देश

सितंबर माह में विभागीय प्रेजेंटेशन की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री ने अरगोड़ा चौक से कटहल मोड़ और करमटोली से साइंस सिटी तक फ्लाईओवर निर्माण के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने और आगे की रणनीति तय करने के निर्देश दिए थे। अब करमटोली–चिरौंदी फ्लाईओवर को मंजूरी मिलना उसी प्रक्रिया का अहम हिस्सा माना जा रहा है।

पहले से दिख रहे हैं सकारात्मक नतीजे

गौर करने वाली बात है कि हाल के महीनों में सिरम टोली–मेकॉन, कोकर–बहुबाजार और रातू रोड पर बने फ्लाईओवरों ने रांची की यातायात स्थिति को काफी हद तक संभाला है। नए प्रस्तावित फ्लाईओवर से राजधानीवासियों को आने वाले समय में और भी सुचारू व सुरक्षित सफर की सुविधा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।