रांची रेल मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान संचालन क्षमता, यात्री सुविधाओं और राजस्व वृद्धि के क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रदर्शन दर्ज किया है। मंडल रेल प्रबंधक करुणा निधि सिंह ने गुरुवार को रांची में आयोजित प्रेस वार्ता में इन उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख करते हुए भविष्य की योजनाओं की भी रूपरेखा प्रस्तुत की।
उन्होंने बताया कि ट्रेनों के संचालन में समयपालन को लेकर मंडल ने बड़ी सफलता हासिल की है। 90 प्रतिशत से अधिक ट्रेनों का समय पर संचालन सुनिश्चित किया गया, जो रेलवे के मानकों के अनुरूप है। इस सुधार के पीछे उन्नत सिग्नलिंग प्रणाली, ट्रैक के बेहतर रखरखाव और कंट्रोल रूम की लगातार निगरानी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इससे यात्रियों को अधिक विश्वसनीय और व्यवस्थित सेवाएं मिल रही हैं।
यात्रियों की सुविधा को बढ़ाते हुए हाल ही में आनंद विहार से पुरुलिया के बीच साप्ताहिक एक्सप्रेस सेवा शुरू की गई है। यह ट्रेन वाराणसी, लखनऊ और अयोध्या जैसे अहम शहरों को जोड़ती है, जिससे धार्मिक और व्यावसायिक यात्राओं के लिए सीधा संपर्क आसान हुआ है।
आर्थिक मोर्चे पर भी मंडल ने बेहतर प्रदर्शन किया है। बीते वित्तीय वर्ष में करीब 25 करोड़ रुपये मूल्य के स्क्रैप की बिक्री कर नया रिकॉर्ड स्थापित किया गया। यह उपलब्धि संसाधनों के प्रभावी उपयोग और अनुपयोगी सामग्री के सुव्यवस्थित निपटान का परिणाम मानी जा रही है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में रांची रेलवे स्टेशन के यार्ड का आधुनिकीकरण कार्य पूरा किया गया है। इसके तहत एक अतिरिक्त प्लेटफॉर्म जोड़ा गया है और दो नए शंटिंग यार्ड विकसित किए गए हैं। इन सुधारों से ट्रेनों के संचालन में तेजी आएगी और प्लेटफॉर्म पर भीड़ प्रबंधन अधिक प्रभावी हो सकेगा।
सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी गई है। रेलवे ट्रैक की नियमित जांच, आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली का विस्तार और स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है। साथ ही, यात्रियों के लिए स्वच्छता, पेयजल और प्रतीक्षालय जैसी सुविधाओं में भी सुधार किया गया है।
डीआरएम ने स्पष्ट किया कि आने वाले समय में मंडल का ध्यान यात्री सेवाओं के विस्तार, सुरक्षा मानकों को और मजबूत करने और नई रेल सेवाओं के संचालन पर रहेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि रांची रेल मंडल भविष्य में भी इसी तरह बेहतर प्रदर्शन जारी रखेगा।