रांची : 'झरनों के शहर' को नेशनल टूरिज्म मैप पर लाने की तैयारी, दशम-हुंडरू समेत प्रमुख पर्यटन स्थलों का होगा कायाकल्प

रांची : 'झरनों के शहर' को नेशनल टूरिज्म मैप पर लाने की तैयारी, दशम-हुंडरू समेत प्रमुख पर्यटन स्थलों का होगा कायाकल्प

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Mar 31, 2026, 11:13:00 AM

रांची को राज्य के प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने विकास की दिशा में ठोस पहल शुरू कर दी है। उपायुक्त सह जिला पर्यटन संवर्धन परिषद के अध्यक्ष मंजूनाथ भजन्त्री की अगुवाई में समाहरणालय में आयोजित शासी निकाय और कार्यकारिणी समिति की संयुक्त वार्षिक बैठक में पर्यटन ढांचे को मजबूत करने को लेकर कई अहम फैसले लिए गए।

बैठक के दौरान अधिकारियों ने जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों की मौजूदा स्थिति का आकलन किया और यह माना कि रांची को राष्ट्रीय स्तर पर ‘झरनों के शहर’ के रूप में पहचान दिलाने के लिए बुनियादी सुविधाओं का विस्तार बेहद जरूरी है। इसी दिशा में सभी अधिसूचित पर्यटन स्थलों पर सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था स्थापित करने का निर्णय लिया गया, जिससे पर्यटकों को रात के समय भी सुरक्षित और सुगम भ्रमण का अनुभव मिल सके।

पर्यटकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने हर प्रमुख स्थल पर सूचना पट्ट लगाने का निर्णय लिया है। इन पट्टों पर नजदीकी थाना, स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन संपर्क नंबरों की जानकारी उपलब्ध रहेगी, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके।

बैठक में मारशली पहाड़ के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया। इस क्षेत्र में हाई मास्ट लाइट लगाने और इसे एक आकर्षक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की योजना पर चर्चा हुई। वहीं, देवड़ी मंदिर में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए इसके विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव भी रखा गया।

इसके अलावा दशम, हुंडरू और जोन्हा जैसे प्रसिद्ध जलप्रपातों के साथ-साथ टैगोर हिल और रॉक गार्डन के समग्र विकास पर जोर दिया गया। इन स्थलों पर सड़क, पेयजल, शौचालय और बैठने जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पर्यटकों को अधिक सुविधाजनक अनुभव मिल सके।

उपायुक्त भजन्त्री ने कहा कि पर्यटन केवल प्राकृतिक आकर्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को गति देने का महत्वपूर्ण साधन भी है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को योजनाओं को तय समयसीमा के भीतर लागू करने और गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए।

साथ ही, प्रस्तावित परियोजनाओं की व्यवहारिकता का आकलन करने के लिए एक तकनीकी समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है, जो स्थलीय निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। प्रशासन का मानना है कि इन पहलों से रांची की पहचान और मजबूत होगी तथा रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे, जिससे यह शहर भविष्य में एक सुरक्षित और आकर्षक पर्यटन केंद्र के रूप में उभर सकेगा।