रांची पुलिस लाइन प्रकरण : अनुशासन तोड़ने वाले 10 जवान निलंबित, परिसर में जुए की गतिविधि पर बड़ी कार्रवाई

झारखंड की राजधानी रांची से प्रशासनिक और आंतरिक अनुशासन से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। रांची पुलिस लाइन परिसर के भीतर नियमों को ताक पर रखकर जुआ खेलने के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए 10 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।

रांची : झारखंड की राजधानी रांची से प्रशासनिक और आंतरिक अनुशासन से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। रांची पुलिस लाइन परिसर के भीतर नियमों को ताक पर रखकर जुआ खेलने के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए 10 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। इन सभी जवानों पर विभाग की गरिमा के विपरीत गतिविधियों में शामिल होने का गंभीर आरोप है। निलंबन के साथ ही इनके विरुद्ध विभागीय और अनुशासनात्मक जांच की प्रक्रिया भी आरंभ कर दी गई है।

छापेमारी तक कैसे पहुंचा मामला?

प्राप्त विवरण के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से उच्चाधिकारियों तक यह फीडबैक पहुंच रहा था कि पुलिस लाइन के भीतरी हिस्से में कुछ कर्मियों द्वारा अवैध रूप से जुए का खेल संचालित किया जा रहा है। इन गोपनीय शिकायतों को विभागीय स्तर पर अत्यंत गंभीरता से लिया गया। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में एक विशेष दल का गठन किया गया, जिसने योजनाबद्ध तरीके से अचानक उक्त परिसर में दबिश दी।

मौके पर धरे गए आरोपी कर्मी

अचानक हुई इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में खलबली मच गई। निर्धारित स्थल की घेराबंदी कर मौके से 10 पुलिसकर्मियों को जुआ खेलते हुए पकड़ा गया। कानून के रखवालों द्वारा ही इस प्रकार की गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने के कारण विभाग की छवि पर सवाल खड़े हुए हैं, जिसे लेकर उच्च स्तर पर कड़ी नाराजगी जताई गई है।

प्रशासनिक पुष्टि और आगामी कदम

इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए सार्जेंट मेजर आनंद राज खलखो ने घटना की पुष्टि की और बताया कि अनुशासनहीनता के इस प्रकरण में त्वरित संज्ञान लेते हुए संबंधित कर्मियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। सभी 10 जवानों को सेवा से निलंबित करते हुए उनके खिलाफ विभागीय जांच की विधिवत शुरुआत कर दी गई है। प्रशासनिक सूत्रों का संकेत है कि इस जांच के निष्कर्षों के आधार पर भविष्य में इन कर्मियों के खिलाफ और भी सख्त सेवा-नियम संबंधी कदम उठाए जा सकते हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति न हो।

रांची से सुजीत कुमार की रिपोर्ट