रांची में ट्रैफिक सुधार की बड़ी तैयारी, 25 अतिरिक्त चौराहों पर सिग्नल लगाने का प्रस्ताव

रांची में ट्रैफिक सुधार की बड़ी तैयारी, 25 अतिरिक्त चौराहों पर सिग्नल लगाने का प्रस्ताव

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jun 10, 2026, 12:23:00 PM

राजधानी रांची में बढ़ते वाहनों और लगातार जटिल होती यातायात व्यवस्था को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने शहर में सिग्नल नेटवर्क का विस्तार करने की पहल शुरू कर दी है। इस दिशा में ट्रैफिक विभाग ने 25 नए स्थानों पर ट्रैफिक सिग्नल स्थापित करने का प्रस्ताव स्मार्ट सिटी प्रबंधन को भेजा है। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद चरणबद्ध तरीके से कार्य शुरू किया जाएगा।

शहर में वाहन संख्या तेजी से बढ़ने के कारण कई प्रमुख मार्गों और चौराहों पर यातायात दबाव लगातार बढ़ रहा है। इससे न केवल जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है, बल्कि यातायात संचालन के लिए अतिरिक्त पुलिस बल की भी आवश्यकता पड़ रही है। इन चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने विभिन्न व्यस्त और संवेदनशील स्थानों का सर्वेक्षण कर नए सिग्नल लगाने की योजना तैयार की है।

प्रस्तावित स्थानों में कांटाटोली क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके अलावा कई ऐसे प्रमुख चौक और सड़कें भी सूची में शामिल हैं, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं और सिग्नल व्यवस्था के अभाव में यातायात प्रभावित होता है। अधिकारियों का मानना है कि इन स्थानों पर स्वचालित सिग्नल प्रणाली लागू होने से यातायात प्रवाह अधिक सुव्यवस्थित हो सकेगा।

फिलहाल रांची में लगभग 40 स्थानों पर ट्रैफिक सिग्नल कार्यरत हैं। हालांकि शहर के तेजी से फैलते दायरे और बढ़ते वाहन दबाव को देखते हुए यह संख्या पर्याप्त नहीं मानी जा रही है। दूसरी ओर, कुछ चौराहों पर स्थापित सिग्नल खराब होने के कारण यातायात पुलिस को मैनुअल तरीके से व्यवस्था संभालनी पड़ रही है।

ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह ने बताया कि सिग्नल विस्तार से संबंधित प्रस्ताव स्मार्ट सिटी को भेज दिया गया है। मंजूरी मिलने के बाद चिन्हित स्थानों पर आवश्यक आधारभूत कार्य शुरू किए जाएंगे। उनके अनुसार नई व्यवस्था लागू होने से प्रमुख चौराहों पर वाहनों की आवाजाही अधिक नियंत्रित होगी, जाम की समस्या में कमी आएगी और सड़क हादसों की आशंका भी घटेगी।

यातायात विभाग को उम्मीद है कि सिग्नल प्रणाली मजबूत होने से वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल यात्रियों को भी सुरक्षित और सुगम आवागमन का लाभ मिलेगा।