रांची, धनबाद और साहिबगंज कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, अलर्ट मोड में प्रशासन

रांची, धनबाद और साहिबगंज कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, अलर्ट मोड में प्रशासन

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Apr 06, 2026, 5:24:00 PM

झारखंड में न्यायिक परिसरों को निशाना बनाते हुए ईमेल के जरिए दी जा रही बम धमकियों ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। ताजा मामला रांची सिविल कोर्ट से सामने आया है, जहां धमकी भरा संदेश मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया।

सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस के साथ झारखंड जगुआर की बम निरोधक टीम मौके पर पहुंची और पूरे परिसर को घेरकर तलाशी अभियान शुरू कर दिया। हर हिस्से की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते निष्क्रिय किया जा सके। डीएसपी प्रकाश सोय के अनुसार, विशेषज्ञ टीम लगातार जांच में जुटी हुई है।

रांची सिविल कोर्ट को पहले भी कई बार इसी तरह की धमकियां मिल चुकी हैं, जिससे यह मामला और गंभीर हो जाता है। खास बात यह है कि इसी दिन धनबाद और साहिबगंज के न्यायालय परिसरों को भी निशाना बनाते हुए समान प्रकार की धमकी दी गई, जिससे राज्यभर में सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।

धनबाद में भी कोर्ट परिसर को उड़ाने की चेतावनी मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। डॉग स्क्वॉड और अन्य सुरक्षा इकाइयों के साथ व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। पूरे परिसर के कमरों, गलियारों और आसपास के क्षेत्रों की गहन जांच की गई, लेकिन अब तक कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। अधिकारियों ने बताया कि यह इस तरह की चौथी धमकी है, जो लगातार मिल रही है। विधि-व्यवस्था डीएसपी नौशाद आलम ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच जारी है और ईमेल भेजने वाले की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

इधर साहिबगंज में भी कोर्ट के आधिकारिक ईमेल पर धमकी मिलने के बाद अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया और पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच शुरू की गई। एसपी अमित सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और तकनीकी टीम के सहयोग से जांच में जुट गए। हालांकि तलाशी के दौरान यहां भी कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली, जिससे राहत की सांस ली गई।

गौरतलब है कि साहिबगंज कोर्ट को कुछ दिन पहले भी इसी तरह की धमकी मिली थी, जिसके बाद पुलिस ने एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया था। इसके बावजूद इस तरह की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं।

इस बीच, देश के अन्य हिस्सों में भी इस तरह के मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है। हाल ही में दिल्ली पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया था, जो कई संस्थानों को धमकी देने में शामिल था। इसके बावजूद ईमेल के जरिए धमकी भेजने का सिलसिला जारी है।

लगातार मिल रही इन चेतावनियों के मद्देनजर राज्य की पुलिस और खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। साइबर विशेषज्ञों की मदद से ईमेल के स्रोत और आरोपियों की पहचान की कोशिश की जा रही है। बार-बार सामने आ रहे इन मामलों ने एक अहम सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर न्यायिक संस्थानों को निशाना बनाने के पीछे किसका हाथ है और इस पर प्रभावी रोक कब लगेगी।