रांची नगर निकाय चुनाव को व्यवस्थित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने परिवहन व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारी पूरी कर ली है। चुनाव कार्यों के संचालन के लिए कुल 800 वाहनों की तैनाती की जाएगी, जिनके जरिए मतदान से जुड़ी सामग्री और चुनाव कर्मियों को समय पर मतदान केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा।
मतदान केंद्रों के हिसाब से वाहन आवंटन
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, रांची नगर क्षेत्र के 909 मतदान केंद्रों को कवर करने के लिए 650 वाहनों की व्यवस्था की गई है। वहीं बुंडू क्षेत्र में चुनाव कार्य के लिए 50 वाहन लगाए जाएंगे। किसी आकस्मिक स्थिति से निपटने के उद्देश्य से 100 अतिरिक्त वाहन रिजर्व में रखे जाएंगे।
बड़े और छोटे वाहनों का संतुलित उपयोग
कुल चिन्हित 800 वाहनों में 350 बड़े वाहन शामिल होंगे, जबकि 450 छोटे वाहनों का उपयोग किया जाएगा। इन सभी का प्रयोग बैलेट पेपर, बैलेट बॉक्स, मतदान सामग्री और चुनाव ड्यूटी में तैनात कर्मियों के आवागमन के लिए किया जाएगा।
वाहन जुटाने के लिए औपचारिक प्रक्रिया शुरू
परिवहन व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए जिला परिवहन कार्यालय ने स्कूल प्रबंधन और निजी ट्रांसपोर्टरों को औपचारिक पत्र भेजे हैं। साथ ही व्यावसायिक वाहन मालिकों को भी चुनाव कार्य में सहयोग के लिए सूचित किया जा रहा है।
परीक्षाओं पर असर न पड़े, इसका रखा गया ध्यान
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्कूलों में चल रही परीक्षाओं को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। जिन शैक्षणिक संस्थानों में परीक्षा आयोजित हो रही है, वहां की बसों को केवल आवश्यकता पड़ने पर ही चुनाव ड्यूटी में लगाया जाएगा, ताकि छात्रों की पढ़ाई और परीक्षा व्यवस्था बाधित न हो।
मोरहाबादी मैदान बनेगा मुख्य केंद्र
21 और 22 फरवरी को सभी चयनित बसों और वाहनों को मोरहाबादी मैदान में एकत्र किया जाएगा। यहीं से मतदान सामग्री के साथ चुनाव कर्मियों को उनके निर्धारित मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया जाएगा। 23 फरवरी को मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी वाहनों को मुक्त कर दिया जाएगा।
वाहन कोषांग करेगा निगरानी और समन्वय
चुनाव से पांच दिन पहले मोरहाबादी मैदान में वाहन कोषांग को सक्रिय किया जाएगा। यह कोषांग वाहनों, चालकों और चुनाव से जुड़े कर्मियों के बीच समन्वय स्थापित करेगा और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेगा।
इसके अलावा जिला परिवहन पदाधिकारी नियमित बैठकों के माध्यम से वाहनों की उपलब्धता की समीक्षा करेंगे, ताकि चुनाव के दौरान किसी तरह की परिवहन संबंधी परेशानी न आए।